क्राइम रिपोर्ट पंकज पाल पिपरिया
पिपरिया– पिपरिया में 30 अक्टूबर को 5 साल की बच्ची आशी चौरसिया के अपहरण के मामले में 4 दिन बीत जाने तक पुलिस को बच्ची का अबतक कोई सुराग नहीं लग पाया है ।
मामले को लेकर जब सब्र का बांध टुटा तो आज भारी संख्या में चौरसिया समाज की महिलाओं ने मंगलवारा थाने का घेराव कर दिया। महिलाएं बच्ची को जल्द सुरक्षित बरामद करने की मांग कर रही थी । जिसके बाद आक्रोशित नगर की जनता ने मंगलवार चौराहा पहुंचकर चक्का जाम भी कर दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की ।
गौरतलब है की 30 अक्टूबर को आशी चौरसिया का घर के सामने खेलते समय अपरहण हो गया था । मामले में पूर्व में भी इसी तरह की वारदात को अंजाम देने वाले एक युवक का नाम सामने आया है । सीसीटीवी फुटेज के आधार पर भी पुलिस को प्राथमिक जाँच में साक्ष्य मिला है कि इन वारदात को भी उसी युवक ने अंजाम दिया है । लेकिन युवक तक पहुँचने में पुलिस को अबतक कोई सफलता हाथ नही लग पाई है ।
करीब 3:30 घंटे चक्काजाम रहा जिसमे चौरसिया समाज की महिलाये पुरुषो के साथ साथ कांग्रेस के पदाधिकारियो और पिपरिया शहर की जनता ने भी समर्थन दिया |
इसी बीच तहसीलदार राजीव कहार और पिपरिया एसडीओपी रणविजय सिंह कुशवाह ने भी बात की लेकिन बात नहीं बनी और एसपी को बुलाने को लेकर अड़े रहे | इस इस्थिति बिगड़ते देख प्रशासन द्वारा पचमढी थाना प्रभारी सोहागपुर थाना प्रभारी के साथ करीब 100 महिला आरक्षक को पुलिस लाइन से भारी बल बुलाया गया |
तभी रात करीब 9 बजे के आसपास एडिश्नल एसपी होशंगाबाद राकेश खाखा आये और उन्होंने आश्वाशन दिया और कहा अगले 24 घंटो में शहर की जनता के सामने रिज़ल्ट होगा हम मुलजिम के बहुत करीब पहुच गए अगर कल रिजल्ट नहीं मिला तो आपके समक्ष आऊगा और आपको जो करना है आप कर सकते है तब जाकर लोगो ने चक्काजाम हटाया |
ब्यूरो पंकज पाल खबरे आजतक पिपरिया
