भोपाल । लॉकडाउन के समय अतिक्रमण हटाओ मुहिम चला कर ग़रीबो को बेघर करने के मामले में राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने रीवा नगर निगम आयुक्त अर्पित वर्मा को RTI आवेदन पर 48 घंटे में कार्रवाई के निर्देश दिए है। जीवन और स्वतंत्रता से जुड़े 48 घंटे में जानकारी देने वाले RTI प्रकरणों के लिए राज्य सूचना आयोग ने आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास पी नरहरि को लॉकडाउन के समय रीवा डिवीज़न के सभी नगरीय निकाय में RTI अपील और फ़ीस की ऑनलाइन व्यवस्था के लिए अनुशंसा भी की है।
लॉकडाउन के दौर में ये पहला मौका है जब राज्य सूचना आयोग ने RTI प्रकरण पर मध्यप्रदेश में कार्रवाई की है। रीवा निवासी शिवानंद द्विवेदी के RTI आवेदन पर ये कार्रवाई की गई है। इस आदेश में राज्य सूचना आयोग ने माना कि अतिक्रमण हटाने की मुहिम के चलते ग़रीबो के सामने जीवन का संकट खड़ा हो गया है। सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने अपने आदेश में कहा कि “ये प्रकरण भोजन का अधिकार – मौलिक अधिकार, जीवन का अधिकार धारा 21 से जुड़ा हुआ है। अनुच्छेद 39 A और अनुच्छेद 47 में नागरिकों के पोषाहार तथा जीवन का स्तर उठाने को राज्य का प्राथमिक दायित्व बताया गया है। वही सर्वोच्च न्यायालय ने स्वीकार किया है कि प्रत्यक व्यक्ति जो बेघर है उन्हें आश्रय की व्यवस्था संवैधानिक अंतर्निहित है इसलिए इस प्रकरण में 48 घंटे में जानकारी देने का प्रावधान लागू होगा।”
आयोग ने सोशल डिस्टेनसिंग का पालन करते हुए नोटिस ईमेल और व्हाटसअप के जरिये भेजने के कार्रवाई की है।
इस प्रकरण में रीवा के रतहरा तालाब के पास विस्थापित श्रमिको की बस्ती को प्रशासन ने बुलडोजर चला कर 9 मई को तोड़ दिया था। तब से वे खुले आसमान के नीचे भूखे प्यासे सोने को मजबूर है।
लॉकडाउन के समय सारी व्यवस्था ठप होने से राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने इस प्रकरण को विशेष मानते हुए सुनवाई की। सिंह ने अपने आदेश में आयुक्त नगर निगम को फीस लेने की ऑनलाइन व्यवस्था के अलावा सोशल डिस्टेनसिंग का पालन करते हुए जानकारी भी ईमेल या व्हॉट्सएप के माध्यम से भेजने को कहा है। आयुक्त सिंह का मानना है कि प्रशासन के पास यदि इतने संसाधन है कि वे लॉकडाउन के समय अतिआवश्यक सेवाओं को छोड़ अतिक्रमण हटाओ मुहिम चला सकते है तो RTI कानून के तहत इस कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज़ भी दे सकते है। इन दस्तावेजों को लेकर आवेदक शिवानंद द्विवेदी हाईकोर्ट में ग़रीबो के साथ हुई इस अमानवीय कार्रवाई के ख़िलाफ़ जनहित याचिका दायर करना चाहते है। आवेदक शिवानंद ने धारा 25 (5) के तहत सूचना आयुक्त राहुल सिंह से कोरोना काल के समय महत्वपूर्ण RTI मामले में जानकारी देने के लिए अलग से व्यवस्था बनाएं जाने की मांग की थी। राहुल सिंह ने इस मामले में आयुक्त नगरीय प्रशासन पी नरहरि से अनुशंसा की है वे महत्वपूर्ण मामले में RTI दायर करने के लिए ऑनलाइन फीस और ईमेल की व्यवस्था सुनिश्चित करे ताकि जीवन या स्वतंत्रता के संबंध में दायर RTI में जानकारी 48 घंटे में दी जा सके।
ये पूरा प्रकरण लॉकडाउन के समय राज्य सूचना आयुक्त के संज्ञान में आया। इसके बाद इस मामले में जानकारी देने की व्यवस्था के तत्काल आदेश किये गए।
ग़ौरतलब है कि लॉकडाउन के समय रीवा में ग़रीबो की बस्ती पर बुलडोजर चला कर उनके घरों को मिट्टी में मिलाने के बाद अफ़सरो ने दावे किए थे कि उनको प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर दिए गए है। जबकि हकीकत में वे खुले आसमान के नीचे भूखे प्यासे मरने को मजबूर है।
