नई दिल्ली. गुजरात चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी की मनमोहन सिंह के बारे में टिप्पणी को लेकर संसद में चल रहा टकराव बुधवार को खत्म हो गया। सरकार की तरफ से स्थिति साफ करने के लिए अरुण जेटली सामने आए। उन्होंने राज्यसभा में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कोई सवाल नहीं उठाया। हम पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी और देश के प्रति दोनों के कमिटमेंट का काफी सम्मान करते हैं।’’ इस मुद्दे पर राज्यसभा में विपक्ष के रुख में भी नर्मी आई लेकिन बुधवार रात राहुल गांधी ने एक ट्वीट कर मोदी पर फिर तंज कस दिया। राहुल ने कहा- भारत को यह दिलाने के लिए शुक्रिया कि हमारे पीएम जो कहते हैं, उनके वे मायने नहीं होते।
– बता दें कि मोदी ने चुनाव के दौरान एक रैली में दावा किया था कि मणिशंकर अय्यर के घर मनमोहन सिंह की मौजूदगी में एक सीक्रेट मीटिंग हुई थी जिसमें पाकिस्तान के लोग मौजूद थे। मोदी के इस बयान के बाद संसद के दोनों सदनों में लगातार हंगामा हुआ। विपक्ष मोदी से मनमोहन के कथित अपमान पर माफी और सरकार से सफाई की मांग कर रहा था।
– राहुल ने जेटली के राज्यसभा में दिए बयान के बाद ट्वीट किया- डियर मिस्टर जेटली, भारत को यह दिलाने के लिए शुक्रिया कि हमारे पीएम जो कहते हैं, उनके वे मायने नहीं होते और जिस बात से उनके मायने होते हैं, वो बात वो कहते ही नहीं।
जेटली ने राज्यसभा में क्या कहा?
जेटली ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कोई सवाल नहीं उठाया। न ही उनके बयान के मायने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह या पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के देश के प्रति कमिटमेंट पर सवाल उठाने वाले थे। अगर ऐसी कोई धारणा बनी है तो वह गलत है। हम इन नेताओं और भारत के लिए उनके कमिटमेंट का काफी सम्मान करते हैं।’’
सरकार की सफाई के बाद विपक्ष ने क्या कहा?
– राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, ‘‘मैं इस मुद्दे पर स्थिति साफ करने के लिए सदन के नेता का शुक्रिया अदा करता हूं। अपनी पार्ट की तरफ से मैं कहना चाहता हूं कि हम भी चुनाव के दौरान सामने आए ऐसे किसी भी कमेंट से खुद को अलग करते हैं जिससे प्रधानमंत्री के पद की गरिमा को ठेस पहुंचती हो। हम ये भी नहीं चाहते कि भविष्य में इस तरह की बातें कही जाएं।’’
मोदी के किस बयान पर हुआ विवाद?
– नरेंद्र मोदी ने गुजरात के पालनपुर में एक रैली के दौरान कहा था कि पाकिस्तान राज्य में होने वाले चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश में लगा है। पीएम ने दावा किया था कि चुनाव के दौरान ही 6 दिसंबर को मनमोहन सिंह, पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी और निलंबित कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने पाक हाईकमिश्नर और पूर्व विदेश मंत्री के साथ सीक्रेट मीटिंग की थी।
– मोदी ने कहा था, “एक तरफ तो पाकिस्तानी सेना का पूर्व डीजी गुजरात चुनाव में दखल दे रहा है, दूसरी तरफ अय्यर के घर पर सीक्रेट मीटिंग की जाती है। उसके अगले ही दिन गुजरात के पिछड़े समुदायों, गरीबों और मोदी की बेइज्जती की जाती है। क्या आपको नहीं लगता कि ये घटनाएं संदेह पैदा करती हैं? कांग्रेस देश के लोगों को बताए कि आखिर चल क्या रहा था?”
मोदी के बयान पर मनमाेहन ने क्या कहा था?
– मोदी के बयान पर मनमोहन सिंह ने कहा था, “मैं उन आरोपों से बेहद दुखी और आहत हूं जो किसी और ने नहीं, बल्कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगाए हैं। कांग्रेस को अपनी राष्ट्रभक्ति साबित करने की जरूरत नहीं, यह सभी जानते हैं। वह संविधान के दायरे में आने वाले पद को धूमिल करने की अपनी महत्वाकांक्षा की वजह से गलत परंपरा को बढ़ावा दे रहे हैं। मैं उनके आरोपों को खारिज करता हूं। मैंने मणिशंकर अय्यर की ओर से आयोजित किए गए डिनर में गुजरात चुनाव पर चर्चा नहीं की।”
कांग्रेस ने कहा था- शक है तो एफआईआर क्यों नहीं की?
– लोकसभा में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस विवाद पर कहा था, “अगर डॉ. मनमोहन सिंह दिल्ली में बैठकर पाक के साथ मिलकर साजिश कर रहे थे तो सरकार क्या सो रही थी? उनके खिलाफ एफआईआर क्यों नहीं लिखाई गई? ये सारी बातें चुनाव के लिए उछाली गई थीं।”
अय्यर ने भी मोदी के बारे में दिया था विवाद बयान
– 7 दिसंबर को मणिशंकर अय्यर ने मोदी के बयान का हवाला देते हुए कहा था, “जो अंबेडकरजी की सबसे बड़ी ख्वाहिश थी, उसे साकार करने में एक व्यक्ति सबसे बड़ा योगदान था। उनका नाम था जवाहरलाल नेहरू। अब इस परिवार के बारे में ऐसी गंदी बातें करें, वो भी ऐसे मौके पर जब अंबेडकरजी की याद में बहुत बड़ी इमारत का उद्घाटन किया गया। मुझे लगता है कि ये आदमी बहुत नीच किस्म का है, इसमें कोई सभ्यता नहीं है।’’
