बैतूल28फरवरी।।खेती की जमीन पर प्लाट काटकर अवैध कालोनियां बसाने वालों के खिलाफ कलेक्टर ने कड़ी कार्रवाई करने का मन तो बनाया है लेकिन एक पखवाड़े से अधिक का समय गुजरने के बाद भी राजस्व अमला जांच ही पूरी नहीं कर पाया है। राजस्व अमले की बेपरवाही को लेकर अब कलेक्टर ने कड़ा रुख अपना लिया है और 6 मार्च को सभी एसडीएम को अवैध कालोनियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी लेकर तलब किया है। इससे अवैध कालोनियां बनाने वालों के साथ नरमी दिखाने वाले राजस्व अधिकारियों में खलबली मच गई है। बैतूल शहर से सटे दर्जन भर गांवों में खेती की जमीन पर प्लाट काटकर कालोनी बनाने की शिकायतों पर कलेक्टर ने जांच करने के आदेश दिए थे। इसके चलते राजस्व विभाग की टीम ने अवैध कालोनियों को चिन्हित कर जांच का प्रतिवेदन तहसीलदार बैतूल को सौंप दिया। इस कार्रवाई में राजस्व विभाग के मैदानी अमले के द्वारा कई कालोनियों को छोड़ देने के आरोप भी अब लग रहे हैं। जांच प्रतिवेदन के आधार पर एसडीएम न्यायालय से संबंधितों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। जवाब प्रस्तुत करने के बाद अब तक संबंधितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कराई जा सकी है।
26 को थमाए नोटिस
शहर से सटे ग्राम बडोरा, हनोत्या, आरूल, बटामा, भरकावाड़ी, भड़ूस, दनोरा, सोनाघाटी, जामठी, मरामझिरी, गौठाना, टिकारी, सोमवारी पेठ, बदनूरढाना और हमलापुर में 15 लोगों के द्वारा कृषि भूमि खरीदकर 291 प्लाट काटकर बेचे जाने की रिपोर्ट राजस्व अमले के द्वारा जांच प्रतिवेदन में प्रस्तुत की गई है। एसडीएम न्यायालय से तहसीलदार की रिपोर्ट के आधार पर 26 लोगों को नोटिस जारी कर तलब किया था जहां अधिकांश ने बीमारी का हवाला देकर प्लाट बेचने का जवाब प्रस्तुत किया है।
कलेक्टर ने तलब की रिपोर्ट
अवैध कालोनियों के मामले में राजस्व विभाग द्वारा की जा रही देरी को लेकर कलेक्टर ने सभी एसडीएम से इस मामले में अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है। प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि कलेक्टर ने 6 मार्च को बैतूल, शाहपुर, मुलताई और भैंसदेही एसडीएम की बैठक बुलाई है। इसमें उन्हें अवैध कालोनियों के मामले में की गई कार्रवाई से संबंधित जानकारी लाने के निर्देश दिए हैं। इस बैठक के बाद अवैध कालोनियों के मामले में हीला हवाली करने वाले राजस्व अमले और अवैध कालोनियों का निर्माण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
आज खोजा जाएगा गायब नाला
गौठाना के पटवारी हल्का क्रमांक 35 में खसरा नंबर 176 नाला मद की भूमि लगभग पूरी तरह से गायब कर दी गई है। इससे सटे क्षेत्र में बैतूल टाऊन के नाम से कालोनी का निर्माण किया गया है। कमिश्नर से की गई शिकायत में आरोप लगाए गए हैं कि कालोनी का निर्माण करने वालों के द्वारा सरकारी जमीन पर भी प्लाट काटकर बेच दिए गए और लोगों ने उस पर मकान भी बना लिए हैं। अब जब कमिश्नर के आदेश पर जमीन का सीमांकन अधीक्षक भू अभिलेख के द्वारा 2 राजस्व निरीक्षकों के साथ 9 राजस्वकर्मियों के सहयोग से 28 फरवरी को किया जाएगा। अधीक्षक भू अभिलेख द्वारा जारी किए गए आदेश में जमीन का सीमांकन करने के लिए राजस्व निरीक्षक सुखराम सिरसाम, नीरज बैस के साथ ईटीएस प्रशिक्षित पटवारी दिलीप करोचे, उदयराम धुर्वे, मोहन धुर्वे और पटवारी गोपाल महस्की, मंजुला सोनी,चैनमेन मीना जगदेव को शामिल किया गया है।
