अहमदाबाद। गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के दौरान साबरमती में वोट डालने गए पीएम का लोगों से मिलना कांग्रेस के निशाने पर आ गया है। कांग्रेस ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन करार देते हुए आयोग से शिकायत की है। खबरों के अनुसार कांग्रेस ने आयोग को एक शिकायती मेल किया है। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हुई। वहीं इससे पहले पार्टी ने आयोग पर ही पक्षपात का आरोप भी लगाया।
कांग्रेस के गुजरात प्रभारी अशोक गहलोत और प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इस बात पर आपत्ति ली कि अहमदाबाद में अपना वोट देने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने किस तरह रैली की शक्ल में वहां मौजूद लोगों का अभिवादन करते हुए रवाना हुए। कांग्रेस ने मोदी के खिलाफ आचारसंहिता उल्लघंन की शिकायत भी दर्ज करवाई है।
कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि चुनाव आयोग ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे लगता है कि चुनाव आयोग मोदी के निजी सचिव की तरह काम कर रहा है।
सुरजेवाला ने कहा, राहुल गांधी का इंटरव्यू दिखाने वाले चैनल पर एफआईआर दर्ज कर ली जाती है और मोदी फिक्की के कार्यक्रम को एक चुनावी रैली की तरह संबोधित करते हैं, इस पर कोई कार्रवाई नहीं होती। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह एयरपोर्ट पर लोगों को संबोधित करते हैं और चुनाव आयोग कोई कार्रवाई नहीं करता है।
कांग्रेस का आरोप है कि मतदान करने के बाद प्रधानमंत्री ने 2 किलोमीटर तक रोड शो कर लोगों का अभिवादन किया। इसका सभी चैनलों पर लाइव टेलिकास्ट किया गया है, जो चुनाव आचारसंहिता का उल्लंघन है। करीब 2 किलोमीटरर तक मोदी का काफिला धीमी गति चल रहा था। प्रधानमंत्री चलती गाड़ी से बाहर निकलकर लोगों का अभिवादन ले रहे थे। मुख्य चुनाव अधिकारी बीबी स्वेन ने कहा कि कांग्रेस की तरफ से शिकायत मिली है। फिलहाल इस संबंध में जांच के आदेश दिये गये है। इसके बाद ही कोई कदम उठाया जायेगा।
पिछले चुनावों में भी हुई थी शिकायत
2012 के विधानसभा चुनाव में भी वोट डालने के बाद मोदी ने कमल निशान के साथ सेल्फी ली थी। तब भी विरोधियों ने इसे आंचारसंहिता का उल्लघंन बताया था। कांग्रेस ने चुनाव आयोग में इसकी शिकायत भी की थी। परंतु चुनाव आयोग इसे क्लीचिट दे दी थी।
