भोपाल । मध्यप्रदेश में सरकार बदलने के बावजूद भी पत्रकारों की दशा में कोई सुधार नही आया । शिवराज सरकार को पत्रकारों की सुरक्षा से सरोकार नही रहा तो कमलनाथ सरकार अपने वादे को निभाने के मूड में नही दिखती । सरकार को बने साल गुज़र गया मगर घोषणा के बावजूद कमलनाथ सरकार वादे के मुताबिक़ प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा क़ानून अब तक लागू नही कर पाई । ऐसी स्थिति में पत्रकार बिरादरी अब भी असुरक्षा की भावनाओं के साथ अपनी ज़िम्मेदारी बख़ूबी निभा रही है । अब तक तो पुरुष पत्रकार प्रताडि़त किये जाते रहे हैँ , परन्तु कमलनाथ सरकार में तो महिला पत्रकार भी असुरक्षित मेह्सूस कर रही हैँ । ऐसा ही एक मामला उजागर हुआ है जिसमें एक महिला पत्रकार के साथ घटित घटना को गुज़रे 13दिन बीत गए मगर ना तो महिला पत्रकार के साथ हुऐ हमलें की एफआईआर हुई और ना पुलिस प्रशासन का सहयोग मिला । न्याय और सुरक्षा के लिऐ संघर्ष कर रही महिला पत्रकार ने अभी आस नही छोड़ी है ।
जानिए क्या है पूरा मामला –
02 नवबर शनिवार रात करीब 1.30 बजे महिला पत्रकार भोपाल के कमर्शियल एरिया एमपी नगर में स्थित क्लब “द पीचर्स्स ” में अवैध रूप से परोसी जा रही शराब , अश्लीलता , ड्रग्स और धारा 144 के बावजूद बिना परमिशन देर रात तक क्लब ओपन रहने पर रिपोर्ट बना रही थी , कवरेज के दौरान ही महिला ने स्थानीय पुलिस स्टेशन (एम पी नगर थाना ) पर कॉल करके क्लब में हो रही हरकतों की सूचना दी थी । लेकिन वहां से ठंडा जवाब मिलने पर महिला पत्रकार ने डीआईजी इरशाद वली को कॉल पर सूचना दी …. तभी 5-6 आदमियों ने आकर महिला पत्रकार को घसीटते हुए बाहर एक अंधेरी जगह में ले गए ये नज़ारा क्लब में उपस्थित 100-150 लोग चुप चाप मुक दर्शक बने देखते रहे। उस अंधेरी जगह मे महिला को जान से मारने की धमकी देने लगे …महिला.पत्रकार ने अपनी हिफाजत के लिए इंस्टाग्राम का लाइव कैमरा ओपन किया तो वह लोग डर कर पत्रकार पर रिश्वत मांगने का झूठा आरोप लगाने और गाली गलौज करने लगे , देखते- देखते वहां 15-20 आदमी और इक्खट्ठे हो गए महिला को मारने पीटने और उसके साथ बदसलूकी करने लगे। करीब आधे घंटे बाद पुलिस पहुंची। महिला पत्रकार अपने साथ हुई बदसलूकी की शिकायत करने एमपी नगर थाने पहुंची तो टीआई साहब ने एफआईआर दर्ज करने से स्पष्ट मना कर दिया । वहीं मौके पर पहुंची क्लब मैनेजर पलक शर्मा थाने में सबके सामने बेबाकी से सोशल मीडिया पर लाइव आकर फ्लाइंग किस देने लगी (जिसका वीडियो शहर में आग की तरह फैला ) पुलिस कर्मी थाने में हो रही इस अश्लीलता को चुप चाप देखते रहे।
मंसूर अली खान (बोगदा पुल रहवासी जिस पर पूर्व से धारा 302 का मामला विचाराधीन होने की जानकारी मिली है ) सौरभ मिश्रा ( कोलार रहवासी) , फ़ैज़ खान ( हेवेंस स्पा का संचालक जिस स्पा पर पुलिस की छापेमारी की खबरें आती हैँ ) , पलक शर्मा ( विदिशा रहवासी क्लब द पीचरस की मैनेजर जिस पर भी आपराधिक रिकाड होने की सूचना है ) , विक्रम त्रिपाठी ( क्लब मैनेजर ), नरेंद्र यादव (सीसीडी एरिया मैनेजर)। कहते है ना कि झूठ के पैर नहीं होते वहीं इस मामले में भी देखने को मिल रहा है महिला पत्रकार के साथ बदसलूकी की जो वीडियो क्लिप्स जारी हुई है उन में कहीं मैनेजर ने पत्रकार पर 20 हजार की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है तो कहीं 10 हजार की रिश्वत मांगने का तो कहीं खा – पी कर बिल नहीं देने का आरोप लगाया है और एक वीडियो में तो मैनेजर ने खुद कबूला है कि पत्रकार ने शराब का सेवन नहीं किया है ।
बहरहाल महिला पत्रकार न्याय और सुरक्षा की दरकार लिऐ कभी विधायक तो कभी भोपाल सांसद की चौखट पर जा रही है । कभी डीआईजी से मिल रही है तो कभी पुलिस मुख्यालय में न्याय और सुरक्षा की गुहार लगा रही है पर पुलिस प्रशासन की और से न्याय तो दूर आश्वासन तक नसीब नही हो रहा ।
(पूरा वृत्तांत पीड़ित महिला पत्रकार द्वारा बताएं अनुसार )
