भोपाल । 09अगस्त 2019
अपने 13वर्ष के घायल बेटे को न्याय दिलाने के लिए दर बदर की ठोकरें खाती माँ माया बाई ने कल फ़िर कलेक्टर तरुण कुमार पिथोडे के दरबार में याचना की और न्याय की गुहार लगाई , पर पूर्व की भांति ही इस बार भी कलेक्टर ने आश्वासन देकर उसे रवाना कर दिया । और वह भरी बरसात में मुंह लटकाए अपने बेटे की जान और भावी भविष्य की फिक्र में घर लौट गई ।
हमारे संवाददाता साजिद खान को अपनी पीड़ा बताते हुऐ गांधीनगर हाई स्कूल के पीछे रहने वाली माया बाई ऐकले पत्नि राकेश ऐकले ने बताया कि मेरा पुत्र अजय 13वर्ष शासकीय हाई स्कूल गांधीनगर भोपाल में कक्षा 8वीं का छात्र है । उसका एडमिशन इसी साल जुलाई में कराया था । 22जुलाई को स्कूल ग्राउंड में उसको इसी स्कूल के 12वीं क्लास के छात्र लोकेश ने मामूली बात पर पीठ में छुरी मारकर तीन घाव कर दिए । मेरा बेटा बेहोश होकर ज़मीन पर खून में लतपथ गिर गया । स्कूल स्टाफ ने उसे पास के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कर दिया । स्कूल वालों ने मुझे या मेरे परिवार को कोई ख़बर नही दी । प्राईवेट अस्पताल वालों ने पुलिस केस जानते हुऐ भी मेरे पुत्र की पीठ पर टांके लगा दिए । स्कूल वालों ने मामले में एफआईआर नही कराई । स्कूल के ही बच्चे से मिली जानकारी पर जब वह गई तो स्कूल वालों ने धमकी दी कि एफआईआर मत कराना नही तो बच्चे को स्कूल से निकाल देंगे । पुलिस थाने जाने पर प्रधान आरक्षक नीलेश ने भी एफआईआर नही लिखी और धमकाया कि रिपोर्ट करोगी तो तुम्हारे बेटे सहित परिवार को उलझा दूंगा । दोपहर 2-20बजे के घायल पुत्र को साथ थाने में लिए मायाबाई रात तक बेठी रही पर पुलिस ने ना तो एफआईआर की और ना बच्चे को अस्पताल पहुंचाया । रात्रि को जब बच्चे की तबियत बिगड़ी तब थाने से प्रधान आरक्षक नीलेश उसे और बच्चे को हमीदिया अस्पताल ले गया । जहाँ एक्स रे और सोनोग्राफी रिपोर्ट में बच्चे के घाव गेहरे होने की जानकारी मिलते ही प्रधान आरक्षक मेडिकल रिपोर्ट लेकर भाग गया । डॉक्टर ने बताया की बच्चे की छाती में खून जम गया है पीठ के घाव के कारण ।
अगले दिन मायाबाई ने डीआईजी को शिकायत की , जो अन्य शिकायतों की तरह जांच के नाम पर फेंक दी गई । मायाबाई ने विधि मंत्री पीसी शर्मा , कलेक्टर भोपाल , आईजी भोपाल के दरबार में अपनी याचना प्रस्तुत की । जहाँ से कारवाई के आश्वासन के अलावा कोई न्याय नही मिला ।
मायाबाई ने रोते बिलखते हुऐ हमारे संवाददाता को बताया कि पीठ में हुऐ घाव के कारण उसके बच्चे की हालत खराब होने पर हमीदिया अस्पताल के डॉक्टरों ने बच्चे के पेट में छेद कर नली डालकर छाती में जमा खून निकाला । 28जुलाई तक उसका बच्चा हमीदिया अस्पताल में उपचाररत रहा । इधर शासकीय हाई स्कूल गांधीनगर की प्राचार्या ने 24जुलाई को बच्चे की टीसी काटकर उस पर अनुशासनहीन आरोप लगाकर लाल सियाही से लिख दिया । पुलिस ने भी धारा 324-506-294 का मामला बनाकर खानापूर्ति कर ली ।
स्कूल द्वारा टीसी काटकर लाल सियाही से अनुशासनहीन के आरोप लगाने से बच्चे अजय का भविष्य बर्बाद हो गया । मायाबाई ने कलेक्टर , ज़िला शिक्षा अधिकारी को लिखित शिकायत कर न्याय की भीख मांगी । परन्तु नतीजा सिफर के अलावा कुछ हासिल नही । इधर बच्चे के घाव पक गए हैँ और इलाज के लिए उसके पास रूपये नही है , हमीदिया अस्पताल के इलाज से फ़ायदा नही प्राइवेट अस्पताल के खर्चे उसकी हालत के विपरीत हैँ । ऐसी स्थिति में मायाबाई के सामनें एक तरफ बच्चे की जान है तो दूसरी और उसके भविष्य की चिंता ।
@सैयद ख़ालिद कैस की रिपोर्ट -8770806210
