लखनऊ- उत्तर प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने भाजपा नेताओं और मंत्रियों के दलितों के घर जाकर खाना खाने पर विपक्ष के रुख को उसकी खीझ करार देते हुए कहा कि कांग्रेस के विपरीत भाजपा में ‘दलित टूरिज्म‘ की कोई परम्परा नहीं है।
राणा ने आज ‘भाषा‘ से बातचीत में कहा कि विपक्ष भाजपा नेताओं द्वारा दलितों के घर जाकर खाना खाने को लेकर तंज कस रहा है। दरअसल उसे खाने से दिक्कत नहीं है, बल्कि इस बात से परेशानी है कि आखिर कोई मंत्री किसी गांव में रात 11 बजे तक क्यों मौजूद है और उसके साथ हजारों लोगों की भीड़ क्यों है।
उन्होंने कांग्रेस पर प्रहार करते हुए कहा, ‘‘मैं कांग्रेस के नेताओं को संदेश देना चाहता हूं कि उन्होंने दलित टूरिज्म की जो परम्परा शुरू की, वैसा कोई भी रिवाज भाजपा में नहीं है। अगर वे सामुदायिक केन्द्र में एक रात गुजारें तो उन्हें भाजपा की मुहिम के बारे में पता चलेगा। हम रात्रि प्रवास के दौरान सात सितारा सुविधाएं नहीं लेते।’’
अलीगढ़ के लोहागढ़ गांव में पिछले दिनों एक दलित के घर में बाहर से खाना मंगवाकर पार्टी करने के आरोपों से घिरे राणा ने इल्जाम लगाने वालों को चुनौती दी कि वे साबित करें कि बाहर से खाना मंगवाया गया था। उन्होंने कहा कि सारे व्यंजन गांव में ही ग्रामीणों ने बनाये थे।
मालूम हो कि मीडिया में ऐसी खबरें आयी थीं कि मंत्री राणा ने हाल में अलीगढ़ के लोहागढ़ गांव में एक दलित के घर खाना खाया था मगर भोजन, पानी और बर्तन बाहर से मंगवाये गये थे।
