सौदामिनी गुप्ता
रीवा जिले मे बहुचर्चित धान घोटाले के मास्टर माइंड विकास गुप्ता एण्ड कंपनी का एक और कारनामा प्रकाश में आने के बाद परेशान नॉन प्रबंधन ने फिर थाना सिरमौर मे एफआईआर दर्ज कराई है। दो करोड़ 32 लाख रुपए के इस घोटाले के मुख्य सूत्रधार पर इसके पूर्व भी परिवहन की आड़ में करीब 50 लाख रुपए की धान गायब करने पर मामला दर्ज है। गेहूं घोटाले में ट्रांसपोर्टर के अलावा कुछ ट्रक मालिक भी आरोपी बनाए गए हैं।
परिवहनकर्ता, उसके पार्टनर सहित 9 पर एफआईआर दर्ज
गौर करने वाली बात यह है कि धान घोटाले में आरोपी बने विकास गुप्ता, गणेश गुप्ता वगैरह पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की होती तो पीडीएस के करोड़ों रुपए के गेहूं को बाजार में बिकने से बचाया जा सकता था। लेकिन एडीजी त्योंथर कोर्ट से जारी गिरफ्तारी वारंट पर अमल करने में पुलिस ने तत्परता नहीं दिखाई। हालांकि इस घोटाले के बाद परिवहनकर्ता का लायसेंस रद्द कर दिया गया था। बावजूद उसने दूसरी फर्म के नाम रजिस्ट्रेशन कराकर विभागीय अधिकारियों से सांठगांठ के बाद फिर से परिवहन करने की अनुमति लेने में सफल हो गया।
क्या है मामला
जिले के उमरी कैप एवं वेयर हाउस में रखे गेहूं को नष्ट होने से बचाने के लिए उमरी से चाकघाट गोदाम में भण्डारण के लिए परिवहनकर्ता सत्यम रोड लाइंस के कर्ता-धर्ता विकास केसरवानी को परिवहन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी जिसे उसने गोदाम न पहुंचाकर बाजार में बेच दिया। यहां पर यह बता दें कि पिछले महीने उमरी गोदाम व वेयर हाउस से परिवहनकर्ता द्वारा सितम्बर, अक्टूबर एवं नवम्बर महीने में 45 ट्रक गेहूं का चाकघाट वेयर हाउस के लिए उठाव किया गया।
लेकिन गोदाम में मात्र 12 ट्रक ही पहुंच पाए। 33 ट्रक में लदा 9286 क्विंटल गेहूं जिसकी कीमत 2 करोड़ 32 लाख 17 हजार 425 रुपए बताई गई है उसे बाजार में बेच दिया गया। मामला प्रकाश में आने के बाद तत्कालीन कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव ने सहायक आपूर्ति अधिकारी से इस मामले की जांच कराई। जांच के बाद परिवहनकर्ता विकास केसरवानी सहित ट्रक ड्राइवर व वेयर हाउस के कर्मचारियों की भूमिका सामने आई। जिस पर अभियोजन पत्र तैयार कर कलेक्टर ने एसडीएम त्योंथर को मामले में एफआईआर दर्ज करने के लिए सौंपा था।
विभागीय अधिकारियों की भी है मिलीभगत
मामले में परिवहनकर्ता सत्यम रोड लाइंस के मालिक गणेश गुप्ता एवं विकास गुप्ता द्वारा उमरी कैप एवं वेयर हाउस से किए गए गेहूं के उठाव को चाकघाट गोदाम में भण्डारण किए जाने की बजाय बाजार में बेच दिया गया। सूत्रों की मानें तो बाजार में बेचे गए पीडीएस में विभागीय अधिकारियों की भी संलिप्तता है।
यहां पर यह बता दें कि पूर्व में विकास गुप्ता द्वारा धान उठाव में किए गए घोटाले में परिवहन की अनुमति निरस्त किए जाने के बाद उसी परिवहनकर्ता को फिर से परिवहन की जिम्मेदारी सौंप दी गई। खास बात यह है कि परिवहनकर्ता द्वारा दूसरे नाम से परिवहन की अनुमति के लिए नागरिक आपूर्ति निगम के पास आवेदन किया।
जिसकी जानकारी विभाग को होने के बाद भी परिवहन की जिम्मेदारी सौंप दी गई। ऐसे में यह स्पष्ट अंदाजा लगाया जा सकता है कि अधिकारी जब परिवहनकर्ता को धान घोटाले का सूत्रधार मान चुके थे, ऐसे में फिर से उन्हें परिवहन की अनुमति दिया जाना उनकी कार्य प्रणाली को संदिग्ध बना देता है।
एफआईआर में भी करते रहे आनाकानी
पीडीएस के 9 हजार 286 क्विंटल गेहूं को बाजार में बेचे जाने के बाद जब इसकी जांच में पुष्टि हो गई कि विकास एण्ड कंपनी द्वारा ही 33 ट्रक गेहूं 2 करोड़ 32 लाख रुपए से ज्यादा की कीमत में बेचा गया है। ऐसे में एसडीएम श्री बरार ने परिवहनकर्ता गणेश गुप्ता एवं ट्रक मालिकों पर एफआईआर दर्ज कराने का अभियोजन पत्र डीएम नॉन को एक दिन पूर्व ही दे दिया गया था।
ऐसे में संबंधित अधिकारी द्वारा एक दिन बाद एफआईआर की कार्रवाई करना उनकी कार्य प्रणाली पर संदेह पैदा करता है। यहां पर यह बता दें कि गुरुवार को एफआईआर कराने के निर्देश एसडीएम द्वारा दे दिए गए थे बावजूद उक्त एफआईआर शनिवार की शाम दर्ज कराई गई है। इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभागीय अधिकारी परिवहनकर्ता एवं अन्य दोषियों को बचाने की फिराक में थे। लिहाजा उन्हें मजबूरन एफआईआर करवानी पड़ी।
420, 407, 409 एवं 120बी के तहत प्रकरण पंजीबद्ध
पीडीएस के 33 ट्रकों में लदे 9286 क्विंटल गेहूं के बाजार में बेचे जाने के मामले में 9 लोगों पर सिरमौर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। जिसमें परिवहनकर्ता सत्यम रोड लाइंस एवं उसकी फर्म के आठ लोगों पर भारतीय दण्ड विधान की धारा 420, 407, 409 एवं 120बी के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।
अधिकारी, कर्मचारी भी होंगे आरोपी
420, 407, 409 एवं 120बी के तहत प्रकरण विभाग की शिकायत पर पंजीबद्ध किया गया है | मामले की विवेचना कई दिनों तक चलेगी। जिसमें और भी आरोपी बनाए जाएंगे। माना यह जा रहा है कि इस मामले की जानकारी के बाद जिस अधिकारी, कर्मचारी ने इसकी शिकायत दर्ज नहीं कराई है उसे भी आरोपी बनाया जाएगाा।
शिवा अग्रवाल ,थाना प्रभारी सिरमौर
