मंडला/जिले की साढ़े तीन हजार रसोईया और ढाई हजार अतिथि शिक्षक चलायेंगे गाँव गाँव हल्ला बोल सरकार की पोल खोल अभियान।यह निर्णय 10 दिसम्बर रविवार को मंडला रपटा घाट में हुई बैठक में लिये गये हैं।मीटिंग में सामिल होने पहुँचे संगठन के दर्जनों पदाधिकारियों ने सरकार की लीपा पोती रवैये पर सरकार को कोसते हुए निर्णय लिये हैं,कि गाँव गाँव घर घर पहुँचकर सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों का भंडा फोड़ किया जायेगा।जिसके लिए जिले के सभी विकास खंडों के सभी संकुल क्षेत्र प्रभारियों को जवाबदारियाँ सौंपी गयी है।संकुल क्षेत्र के लिए सुनिश्चित किये गये दिन को सुबह 11बजे सभी अतिथि शिक्षक,रसोईया अपने क्षेत्र की जनता जनार्दन को खासकर अभिभावक पालकों,शाला प्रबंधन समिति सदस्यों का समर्थन लेकर संकुल केंद्र के सामने आयेंगे,जहाँ पर एक बड़ी सभा होगी,सभा में शिक्षा और सरकार की वर्तमान नीती पर चिंतन और विचारों का आदान प्रदान होगा।यह पहल जिले भर के संकुल केंद्रों में की जायेगी।जिसके लिए तिथि की घोषणा जल्द ही समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से कर दी जायेगी।
इन सभाओं में भारतीय संविधान,हमारे मौलिक अधिकार,राज्य के नीति निर्देशक तत्वों,हमारे मौलिक कर्तव्यों और विशेषकर शिक्षा अधिकार अधिनियम को लेकर गहन चिंतन कर गुणवत्ता युक्त शिक्षा के लिए समाज की वांछित पहल पर विचारों का आदान प्रदान किया जायेगा।
गुणवत्ता युक्त शिक्षा के लिए सरकार और समाज की वांछित पहल पर विशेष चर्चा होगी,शिक्षकों के नाम पर अतिथि शिक्षकों की दुर्दशा और सरकार की महत्वाकांक्षी मध्यान्ह भोजन योजना में बच्चों को भोजन परोसने वाली रसोईयों के साथ हो रहे शोषण की बात रखी जायेगी।अन्य शोषित वर्गों की भी चिंता जताई जायेगी।सभा के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले व्यक्ति,समिति,संगठन,शिक्षक,छात्र या जनप्रतिनिधियों को बुलाकर सम्मान भी किया जायेगा।वर्तमान सरकार के द्वारा चलाई जा रही शिक्षा विरोधी नीतियों के विरोध में एक चेतना रैली स्थानीय स्तर पर निकाली जायेगी,और माँग की जायेगी कि सरकार दिखावटी शिक्षा नीती में सुधार जल्द लाये, बर्बाद हो रहे बच्चों के भविष्य की असल चिंता करे।सरकारी स्कूलों को बदनाम कर इन्हें खत्म करने की साजिश बंद करे।अन्यथा आने वाले विधान सभा चुनाव में इसका जवाब बी.जे.पी.के विरोध में वोट देकर विरोध दर्ज किया जायेगा।अतिथि शिक्षकों और रसोईयों को जल्द ही भोपाल महाआंदोलन के लिए भारी संख्या जुटाने का प्रयास किया जायेगा।
अतिथि शिक्षक और रसोईयों पर हो रहे अत्याचार पर सरकार पर आरोप लगाते हुए बताया गया है,कि नौ सालों से अतिथि शिक्षकों और तीस सालों से रसोईयों को लूट लूट कर खोखला कर दिया गया है।100/प्रति कार्य दिवस अतिथि शिक्षकों को और 1000/प्रति माह रसोईयों को वह भी साल के मात्र आठ नौ माह का ही भुगतान कयी कयी माह में किया जाता है।आम करनेवाले के बाद भी जुलाई माह का मानदेय भी नहीं किया जाता है।अब तो एक शपथ पत्र भरवाये जाने की परंपरा चालू हो गयी है,कि मानदेय की मांग नहीः की जायेगी।जिससे शासन और प्रशासन की हिटलर शाही नीती साफ दिखाई देती है।
अतिथि शिक्षक और रसोईयों की धरना प्रदर्शन,ज्ञापन,भेंट,हड़तालों का सहारा लेकर नियमितीकरण की माँग करते करते चौथी अवस्था आने लग गयी है,परंतु सरकार माली हालत को सुधारने के पक्ष में नहीं है।कयी बार सी.एम. स्वयं घोषणा कर चुके हैं पर नतीजा वही पुराना।
स्थानीय समस्याओं की जानकारी देते हुए बताया गया है,कि सत्र आधा हो चला है, जिले के कयी संकुलों के अतिथि शिक्षकों और रसोईयों को अभी तक मानदेय का भुगतान नहीं किया जा सका है।जिससे भारी तंगी आ चुकी है।आवेदन निवेदन के बाद भी प्रशासन का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है।मोहगाँव से अतिथि शिक्षक हेमंत साहू,घुघरी गर्रैया से शिवकुमार पूषाम,नैझर से फूलचंद नंदा,तथा नैनपुर सर्री से रसोईया श्यामा तिवारी,उमा जंघेला,मंडला बड़ी खैरी से भी बताया गया है कि जुलाई से आज तक का मानदेय नहीः मिला है,जिससे परिवार पर भारी तंगी बनती जा रही है।मांग की गयी है,कि जल्द ही मानदेय का भुगतान कराया जाये और अब हर माह समय पर उचित भुगतान कराया जाये।जिससे गुजर वसर होता रहे।
बैठक में मीनाक्षी दुबे ,सुमेरी आयाम,राजकुमार झरिया,रामदयाल झरिया,अरुण बैरागी,प्रहलाद झरिया,रविशंकर बघेल,जनार्दन साहू,सुदर्शन यादव,सुखचैन तेकाम,जागेश्वर पांडे,रामप्यारी यादव,कली बाई,हिरन बाई,उमा बाई,श्यामा तिवारी,इमरान,फादल सिंह,विजय परते,पंचम पंद्रे,लोमेश साहू, सहित सभी विकास खंडों से रसोईया और अतिथि शिक्षक संगठन के पदाधिकारी सामिल हुए।
