*मेरी कलम से*✍✍
सरकार का फैसला जनहित में ही होता है ऐसी मान्यता है। लेकिन जब सरकार के फैसले एक ही समुदाय को प्रभावित करने वाले हो तो सरकार की नियत पर शक लाजिम है। लेकिन भाजपा का यह फैसला आप अपने वोटबैंक को खुश करने के एक काम भर हो सकता है। फिर भी मुसलमानों ने इस फैसले का स्वागत किया है। भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और हमारे मुल्क के संविधान के अनुच्छेद 14 में धर्म, मूलवंश,जाति,लिंग और जन्म स्थान के आधार पर किसी तरह के विभेद की मनाही करता है।पर जो इस तर्क के सहारे हज सब्सिडी का विरोध कर रहे हैं।वहां मासूमियत में ऐसा कह रहे हैं।फिर उन्हें इस बात का भी जवाब देना पड़ेगा कि जब हज पर सब्सिडी देना संविधान की भावनाओं के खिलाफ है,तो भला केंद्र सरकार कैलाश मानसरोवर,व साहिब गुरूद्वारा की यात्रा और देश में इलाहाबाद हरिद्वार उज्जैन और नासिक में तीसरे साल बारी-बारी से होता है।और अभी उज्जैन महाकुंभ में केंद्र की मोदी सरकार ने मध्य प्रदेश सरकार को सिहस्थ महाकुंभ के लिए सो करोड रुपए दिए और मध्य प्रदेश सरकार ने उस पर 340 करोड रुपए क्यों खर्च किए? क्या यहां तुष्टिकरण नहीं है?
हारून रशीद कुरैशी
