राहुल गांधी और उमंग सिंघार ने देश और प्रदेश में दिया प्रेम, सौहार्द व भाईचारे का संदेश होली व भगोरिया के माध्यम से :- विनोद सेन
4 मार्च 2026।मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव विनोद सेन ने बताया की होली और भगोरिया केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह दिलों को जोड़ने, रिश्तों को मजबूत करने और समाज में प्रेम, सौहार्द व भाईचारे का संदेश देने का पर्व है। भारत की महान गंगा-जमुनी संस्कृति का यही स्वरूप है कि यहाँ हर रंग, हर धर्म और हर विचार को साथ लेकर चलने की परंपरा रही है। जब रंग एक-दूसरे में घुलते हैं, तब कोई भेद नहीं रहता—न जाति का, न धर्म का, न अमीरी-गरीबी का। यही वह भावना है जो हिंदुस्तान को दुनिया के सबसे खूबसूरत लोकतंत्रों में खड़ा करती है।
आज के दौर में जब समाज में कई बार नफरत और विभाजन की राजनीति देखने को मिलती है, तब ऐसे अवसरों पर प्रेम और एकता का संदेश देना और भी जरूरी हो जाता है। इसी भावना को सशक्त रूप से आगे बढ़ाते हुए देश के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ होली और भगोरिया मनाकर देश को एक बड़ा संदेश दिया—नफरत के खिलाफ मोहब्बत का संदेश।
होली के इन रंगों में केवल गुलाल नहीं था, बल्कि उसमें भाईचारे की खुशबू थी, लोकतंत्र की ताकत थी और उस विचारधारा का रंग था जो भारत को जोड़ने की बात करती है। जब राहुल गांधी और उमंग सिंघार ने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर रंग लगाया, तो वह केवल एक त्योहार की परंपरा नहीं थी, बल्कि वह उस सोच का प्रतीक था जिसमें हर भारतीय को साथ लेकर चलने का संकल्प दिखाई देता है।
कांग्रेस पार्टी का इतिहास ही प्रेम, समावेश और एकता की विचारधारा से जुड़ा रहा है। महात्मा गांधी से लेकर पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और आज राहुल गांधी व उमंग सिंघार तक—इस परंपरा ने हमेशा देश को जोड़ने की बात की है। यही कारण है कि जब राहुल गांधी कहते हैं कि “नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलनी है”, तो यह केवल एक नारा नहीं बल्कि भारत की आत्मा की आवाज बन जाती है।
मध्यप्रदेश में भी यह विचारधारा मजबूती से आगे बढ़ रही है। उमंग सिंघार ने हमेशा प्रदेश की जनता की आवाज को बुलंद किया है और संगठन के कार्यकर्ताओं को एक परिवार की तरह जोड़कर रखा है। होली के इस अवसर पर उनका राहुल गांधी के साथ कार्यकर्ताओं के बीच जाकर रंगों का उत्सव मनाना यह दर्शाता है कि कांग्रेस केवल राजनीति नहीं करती, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और एकता का वातावरण भी बनाती है।
जब नेता और कार्यकर्ता एक साथ मिलकर ऐसे त्योहार मनाते हैं, तब संगठन और मजबूत होता है। कार्यकर्ताओं को यह महसूस होता है कि वे केवल किसी राजनीतिक दल का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि एक बड़े परिवार के सदस्य हैं जो देश और समाज के लिए काम कर रहा है। यही कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत है—उसका जमीनी कार्यकर्ता और उसकी विचारधारा।
होली का यह संदेश हमें यह भी याद दिलाता है कि भारत की असली ताकत उसकी विविधता में है। अलग-अलग भाषाएँ, संस्कृतियाँ, परंपराएँ और धर्म—इन सबके बावजूद हम एक हैं, क्योंकि हमारी आत्मा में भाईचारा और प्रेम बसा हुआ है। जब रंग एक-दूसरे में मिलते हैं तो वे और भी खूबसूरत हो जाते हैं, ठीक उसी तरह जैसे भारत की विविधता उसे और अधिक समृद्ध बनाती है।
आज जरूरत इस बात की है कि हम नफरत और विभाजन की राजनीति से ऊपर उठकर देश को जोड़ने की बात करें। राहुल गांधी और उमंग सिंघार की राजनीति इसी सोच पर आधारित है—भारत जोड़ो, दिल जोड़ो और समाज को प्रेम की डोर में बांधो। यही वह विचार है जो देश के करोड़ों युवाओं और आम लोगों के दिलों को छूता है।
होली का यह पावन अवसर हमें यह प्रेरणा देता है कि हम भी अपने जीवन में प्रेम, सौहार्द और भाईचारे के रंग भरें। समाज में जहां कहीं भी दूरी या नफरत दिखाई दे, वहाँ हम मोहब्बत का रंग लगाएँ और एकता का संदेश फैलाएँ।
आइए, इस होली पर हम सब यह संकल्प लें कि हम अपने देश की गंगा-जमुनी संस्कृति को और मजबूत करेंगे, आपसी भाईचारे को बढ़ाएंगे और नफरत के हर रंग को प्रेम के रंग से ढक देंगे।
आप सभी को रंगों, खुशियों और प्रेम से भरी होली की हार्दिक शुभकामनाएं।
रंगों का यह पर्व आपके जीवन में नई ऊर्जा, नई उम्मीद और अनगिनत खुशियाँ लेकर आए।
होली का रंग केवल चेहरे पर नहीं, बल्कि दिलों में बसना चाहिए—और यही संदेश राहुल गांधी और उमंग सिंघार ने देश और प्रदेश को दिया है।
