बालाघाट। यहां एक नर्स के हनीट्रेप में फंसे डॉक्टर संजय डहाके ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने सुसाइड नोट में अपनी मौत का जिम्मेदार नर्स विजेता ठाकरे 22 वर्ष एवं उसके जीजा मनोज दांदरे 25 वर्ष को ठहराया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों ने मिलकर डॉक्टर को हनीट्रेप में फंसा लिया था और ब्लैकमेल कर रहे थे।
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 29 मई मंगलवार रात लगभग साढे आठ बजे बालाघाट शहर के निजी नर्सिंग होम में डॉक्टर संजय डहाके द्वारा पटरी के पास अपनी मोटर साइकिल खड़ी कर ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जान दे दी थी। मृतक के पास से मिले सुसाइट नोट के आधार पर पुलिस ने आरोपी नर्स और उसके जीजा को गिरफ्तार किया।
इन्हे ठहराया था मौत का जिम्मेदार
डॉक्टर ने सुसाइट नोट मे जीजा साली को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था। डॉक्टर ने सुसाइट नोट में लिखा है कि उसके साथ काम करने वाली नर्स उसके उपर शादी का दबाव बना रही थी। वो और उसका जीजा आए दिन उसे प्रताड़ित करते रहते थे। थाना प्रभारी कमल निगवाल ने बताया कि मृतक के जेब में मिले सुसाइट नोट में डॉक्टर ने दो लोगों के नामों का उल्लेख किया था, जिसमे मृतक डॉ संजय ने विजेता ठाकरे 22 वर्ष एवं उसके जीजा मनोज दांदरे 25 वर्ष के कारण विवश होकर आत्महत्या करने का आरोप लगाया है।
एक साथ निजी नर्सिग होम में करते थे काम
पुलिस की माने तो मृतक डॉ संजय डहाके नर्सिंग होम में चिकित्सक के रूप में पदस्थ था जबकि आरोपी युवती विजेता साथ में नर्स थी, वही मनोज दांदरे आरोपी विजेता का जीजा नर्सिंग होम के ही सामने स्थित एक मेडिकल स्टोर्स में काम करता था। सूत्रों की माने तो इस घटना के कुछ दिनों पूर्व से ही आरोपी नर्स द्वारा नर्सिंग होम में काम पर जाना बंद कर दिया था।
