भोपाल। व्यावसायिक परीक्षा मंडल (पीईबी) द्वारा ली जाने वाली परीक्षा में अगर अभ्यर्थी ऑनलाइन फार्म भरने में कोई गलती करता है उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। पीईबी एक बार ऑनलाइन फार्म भर जाने के बाद इसमें किसी प्रकार का सुधार नहीं करेगा।
किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी होते हैं जो फार्म भरने के दौरान लापरवाही की वजह से गलती कर बैठते हैं। लेकिन, अगर वे उक्त नौकरी के लिए ली गई परीक्षा में संबंधित पद के लिए चयनित हो जाते हैं तब उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे कई मामलों में बाद में अभ्यर्थियों को चक्कर काटना पड़ते हैं।
लापरवाही में दे दी गलत जानकारी
कमल सिंह (बदला नाम) कुछ समय पूर्व हुई पुलिस आरक्षक परीक्षा में पुरुष ओबीसी की जगह महिला ओबीसी भर दिया। इस कारण उन्हें महिला ओबीसी का लाभ मिला और वे नौकरी में चयनित भी हो गए। जब उन्हें ज्वाइनिंग के लिए बुलाया गया तो देखा गया कि उन्होंने फार्म में महिला भरा है और वे हैं पुस्र्ष। इस कारण संबंधित विभाग ने तर्क दिया कि वे अपात्र हैं क्योंकि उन्होंने गलत जानकारी दी। इसी के साथ उन्हें महिला भरने का लाभ भी मिला।
ऐसे ही एक अन्य मामले में अभ्यर्थी ने सामान्य जाति की जगह अनुसूचित जनजाति पर टिक लगा दिया। उनका पेपर अच्छा गया था और आरक्षण का लाभ भी उन्हें मिला। बाद में दस्तावेज का जब सत्यापन हुआ तो यह मामला सामने आया कि उन्होंने गलत जानकारी दी। इस कारण वे अपात्र घोषित कर दिए गए।
पीईबी के अधिकारियों के मुताबिक ऐसे कई अभ्यर्थी हैं जो गलत जानकारी देने पर चयनित तो हो जाते हैं लेकिन बाद में अपात्र घोषित हो जाते हैं। ऐसे कई मामले भी हैं जब अभ्यर्थी न्यायालय तक पहुंच गए।
सॉफ्टवेयर को नहीं पता सही-गलत
पीईबी के अधिकारियों ने बताया कि अभ्यर्थी जो भी जानकारी भरता है उसे हम सही मानते हैं। बाद में जब संबंधित विभाग में दस्तावेज और अन्य जानकारियों की जांच होती है तो खुलासा होता कि अभ्यर्थी ने गलत जानकारी भर दी थी। अधिकारियों ने बताया कि सॉफ्टवेयर तो भरी हुई जानकारी के आधार पर काम करता है। उसे नहीं पता होता कि कौन किस वर्ग का है।
