मध्यप्रदेश में एक जून से होने वाले किसान आंदोलन में अब हिंसा होने की बू आने लगी है. दरअसल, भारतीय किसान यूनियन के हिंसा वाले कबूलनामे ने सनसनी फैला दी है. साथ ही यूनियन के महामंत्री ने प्रदेशभर में मंदसौर गोलीकांड जैसी स्थिति होने की पूरी आशंका भी जाहिर की है.
मध्यप्रदेश इंटेलिजेंस ने जिस बात की आशंका जाहिर की थी, उस पर प्रदेश के सबसे बड़े भारतीय किसान यूनियन ने अपना मोहर लगा दिया है. यूनियन का दावा है कि प्रदेशभर में जिला, तहसील, ब्लाक और गांव स्तर पर उसके दस लाख से ज्यादा पदाधिकारी और कार्यकर्ता सक्रिय हैं.
भारतीय किसान यूनियन के महामंत्री अनिल यादव की मानें तो इस उग्र आंदोलन के लिए सरकार ज़िम्मेदार होगी. उन्होंने कहा कि भारतीय किसान संघ को आगे करने से किसानों में युद्ध होगा. किसानों की जनहानि होगी, किसान का ही नुकसान होगा. वहीं यादव ने एक जून से होने वाले आंदोलन को लेकर किसान नेता शिवकुमार शर्मा को हाईजैकर बताया.
