पिपरिया-पिपरिया पीडब्लूडी विभाग में पदस्थ टाइम कीपर कैलाश गुरदे की आदिवासी क्षेत्र के ग्राम बारीदेवी में कई बर्षो से बिना अनुमति के एक अवैध विशाल चिमनी ईट भट्टा का संचालन हो रहां है। जोकि आज तक दो विभागों की सीमा क्षेत्र के विवादों के चलते कार्यवाही होने से बचता रहां।
लेकिन अब स्थिति स्पष्ट हो गई हैं कि चिमनी ईट भट्टा कैलाश गुरदे की निजी जमीन पर संचालित है, लेकिन सतपुडा टाईगर रिजर्व क्षेत्र की फैंसिंग से लगा हुआ हैं। इसलिए न तो राजस्व विभाग अनुमति दे सकता और न वन विभाग इसके बावजूद वन अधिनियम एक्ट के बनाए नियमों का साफ तौर पर उलँघन करते हुए दबंगता से संचालन किया जा रहा हैं और अधिकारी कार्यवाही न कर के हाथ पर हाथ धरे सब कुछ रहे।जबकि वन विभाग के नियमों अनुसार दूरी निरधारित हैं कि इतने किलोमीटर की दूरी के आसपास चिमनी ईट भट्टा तथा उत्खनन करने की अनुमति प्रदान न कि जाए इसके बावजूद ऐ सब किसके इशारे पर हो रहा हैं।भगवान न करे कि किसी दिन अग्नि रुद्र रुप ले ले नही तो कई किलो मीटर हरेभरे पेड पौधे जलकर खाक हो जाए और वन अधिकारी व्यान बाजी में लगें रहे।
जबकि सतपुडा टाईगर रिजर्व बफर क्षेत्र के वन अधिनियम एक्ट के बनाए प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही करें निरधारित मीटर या किलोमीटर के क्षेत्र में ऐसे ज्वलंतसील कारखानों को संचालित नहीं होने दिया जाए।एवं अगर.कोई अवैध तरीके से करता पाया जाता हैं तो उसपर वन अधिनियम एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत पंजीवृद कर न्यायालय में प्रस्तुत करें। अब देखना होगा की सतपुडा टाईगर रिजर्व बफर क्षेत्र के सहायक संचालक निरापुरे एवं डिप्टी रेंजर आरसे अपने दोस्त कैलाश गुरदे पर कार्यवाही कर भी पाते हैं या नहीं जनता मांगे जबाव।
