अजमेर –राज्य सूचना आयोग से MDS विश्वविद्यालय, अजमेर पर विभिन्न मामलों मे लगी शास्ती रु 125000/- को तत्कालीन कुलपति द्वारा राज्कोश से जमा करा देने की शिकायत अज्मेर के RTI कार्यकर्ता रविन्द्र सिंह राठोर ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्युरो से की थी. ब्युरो ने परिवाद दर्ज कर जांच शुरू की जिस में जांच अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ACB अज्मेर ने रिपोर्ट मे लिखा है कि साक्ष्य में पाया है कि जिन कार्मिको से जुर्माना राशि वसूल की जानी थी, वो वसूल नहीं हो पाने के कारण ये राशि राजकोष से जमा कराने का निर्णय लिया गया किन्तु ऐसी जमा करायी गई रकम आरोपितो से बाद मे वसूल कर ली गई इसलिए कुलपति ने कोई अपराध नहीं किया है अपितु जब तक राशि की वसूली नही हुयी तब तक इस राशि पर विश्वविद्यालय को ब्याज का नुक्सान जरूर हुआ है जिसके लिये कुल्सचिव सुश्री रेणु जयपाल, कार्यवाहक कुलपति व संभागीय आयुक्त राम खिलाड़ी मीणा व कुलपति कैलाश सोधाणी के विरुद्ध सक्षम अधिकारी को इनकी लापरवाही के लिये लिखा जाना उचित होगा. ACB अजमेर के पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ने 10-11-2016 को उक्त जांच रिपोर्ट मुख्यालय भेज्कर मामला नस्तीबद्ध दिया.
इस जांच रिपोर्ट पर मेरा मानना है कि क्या विश्वविद्यालय को किसि का निजी जुर्माना राज्कोश से जमा कराने का अधिकार है?
क्या विश्वविद्यालय 3 साल तक भी अपने कार्मिको से ये राशी नहीं वसूल सका, जब्की वे वहीं पर नौकरी कर रहे थे और वेतन ले रहे थे.
कुलपति ने इतने समय तक उनके वेतन से कतौती क्यों नही की ?
सूचना आयोग से लगा जुर्माना व्यक्तिगत लगा था यदि कर्मचारी जमा नहीं करा रहा था तो, विश्वविद्यालय को उस कार्मिक का नाम, पता और bank detail आयोग को दे देनी चाहिए थी, आयोग land, revenu act के तहत वसूली कर लेता.
यदि कोइ कर्मचारी ब्याज देने को तैयार है तो क्या विश्वविद्यालय किसि का भी निजी जुर्माना राज्कोश से जमा करा देगा?
क्या विश्वविद्यालय के अधिकारी लाखों रु वेतन इन्हीं अनियमितताओ के लिये लेते हैं ?
क्या विश्वविद्यालय का राज्कोश समाज सेवा के लिये है?
कुलपति ने राज्कोश को निश्चित तौर पर हानि पहुँचाई है, किन्तु ACB ने ईमानदारी पूर्वक जांच नहीं की और इसे खत्म कर दिया. ये बडा हि शर्म्नाक है कि राजकोष के नुक्सान कि चिन्ता सरकारी एजेन्सी को भी नहीं..
ACB द्वारा मामले की अन्तिम जांच रिपोर्ट से शिकायत कर्ता को सूचित नहीं किया गया RTI मे मामले की प्रगति रिपोर्ट मानने पर ये सामने आया.
