मध्यप्रदेश सरकार ने खुद कबूल किया है कि पिछले दो महीने में काट दी गई है 12 लाख घरों की बिजली काटी ?जनसंपर्क महकमे के पहले विज्ञापन में दावा किया गया है कि 15 लाख कनेक्शन दिये गये है, अब यही जनसंपर्क विभाग कह रहा हैं कि 3.05 कनेक्शन दिये गये है, जनता जानना चाहती है कि असली सच्चाई क्या है ?
ओम प्रकाश चौकसे की खोजी ख़बर 9893456101
भोपाल। प्रदेश की शिवराज सरकार के जनसंपर्क विभाग द्वारा एक ही योजना के बारे में दिए गए दो विज्ञापनों में दो अलग-अलग आंकड़ों पर सरकार की तीखी आलोचना हो रही है।
शिवराज सिंह सरकार के जनसंपर्क विभाग ने दो अलग अलग विज्ञापन दिये है।
इनमें से 1 जून के विज्ञापन में कहा गया कि सौभाग्य योजना के तहत शेष 43 लाख घरों को अक्टूबर 2018 तक बिजली दी जाएगी और अभी तक 15 लाख कनेक्शन दिये हैं।
इसके बाद सरकार की ओर से 31 अगस्त को जारी विज्ञापन में आज कहा गया है कि शेष 43 लाख घरों को अक्टूबर तक बिजली दी जाएगी, और अभी तक 3.05 लाख कनेक्शन दिए गए हैं।
इन विज्ञापनों पर सवाल उठाया जा रहा है कि यह जनसंपर्क विभाग के विज्ञापन साफ करते हैं कि शिवराज सिंह झूठे हैं और सरकार की उपलब्धियों की घोषणाएं करने में आंकड़ों की एकरूपता भी नहीं रख पा रहे हैं। इसके बावजूद अगर इन्हें सच मानें तो क्या यह समझा जाए कि पिछले तीन में में 12 लाख घरों की बिजली सरकार ने काट दी है।
हमारा कहना है कि प्रदेश के 43 लाख घरों में बिजली नहीं है। यह तब है जबकि प्रदेश में बिजली की उपलब्धता मांग से ज्यादा है। असल में सरकार की नियत ही नहीं है कि वह प्रदेश के सभी घरों में बिजली पहुंचाये। शिवराज सिंह सरकार ने अपने झूठे आंकड़ों और दावों के जरिये जनता को भ्रमित किया है, इसके लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को जनता से माफी मांगनी चाहिए।
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश सरकार का अब तक बिजली के 2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटालों का पर्दाफाश हो चुका है। इसके अलावा महंगी बिजली के खिलाफ लगातार सड़कों पर “आम आदमी पार्टी”आंदोलन के जरिये बता रही है कि इस बिजली की लूट में कांग्रेस और भाजपा दोनों की मिलीभगत है।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं )
