भोपाल -152 पत्रकार अब तक गुंडा तत्वों द्वारा कत्ल किये जा चुके हैं जिनमे से सबसे ज्यादा गिनती भारतीय पत्रकारों की है ।
पत्रकार हमेशा लोगों के हक के लिए उनकी आवाज़ बुलंद करता है लेकिन जब समाज के पक्ष में लड़ने वाला पत्रकार असमाजिक तत्वों द्वारा जला कर, पीट कर, तेजाब डालकर, या गोली मारकर कत्ल कर दिया जाता है तो उसके परिवार की कोई सुनवाई नहीं होती और उसके लिए कोई आवाज़ नहीं उठाता।
समाज के पक्ष में लकड़ी की तलवार से जूझने के जुर्म में पत्रकारों को झूठे मुकद्दमों में फंसा कर अक्सर जेल यात्रा करवाई जाती है । अगर सच्चाई से मुंह न मोड़ा जाए तो आज भारत का असुरक्षित पत्रकार बेइंसाफी, आर्थिक शोषण , जुल्म और बेईमानी से अकेले ही जूझ रहा है लेकिन अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति ने तय कर लिया है कि इस अनिश्चितता के भंवर में अब पत्रकार को डूबने नहीं दिया जाएगा ।
हम नहीं चाहते कि हमारी आने वाली पीढ़ी भी इस कुव्यवस्था के छल चक्रव्यूह में फंस कर विवश हो जाये । हम नहीं चाहते कि भारतीय पत्रकार अब डर और सहम की मजबूरी को सहन करे । abpss का ये निर्णय है कि अब पत्रकारों की सुरक्षा के लिए ईंट से ईंट बजाई जाए । पत्रकारों और पत्रकारिता के सभी दुश्मन ए बी पी एस एस के राडार पर ले लिए गए हैं और उनके उन्मूलन के लिए जरूरी है कि सरकारों से पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करवाया जाए । ए बी पी एस एस की इस क्रांति ज्वाला को तेजी से प्रज्वलित किया जाए , मिल कर जोर लगाएंगे , सरकारों को जगायेंगे, पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करवाएंगे । यकीनन हम लाचार नहीं , जो अपने लिए नहीं लड़ता उसे दूसरे के लिये लड़ने का नैतिक अधिकार नहीं।
abpss मप्र इकाई के अध्यक्ष एवम राष्ट्रीय महासचिव ने प्रदेश के पत्रकारो को आव्हान किया है कि अपने अधिकार की रक्षा के लिये पत्रकार सुरक्षा कानून लागू कराने के लिये भारी तादाद मे कुशीनगर कूच करेँगे ।
