जैसा परिवेश , वैसा संदेश !
कल तक राहुल गांधी के सखा रहे उनके हम निवाला हम पियाला रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया जब तक कॉंग्रेस में रहे मोदी , शिवराज ओर भाजपा को कोसते हुऐ थकते नही थे ओर यूथ आइकॉन राहुल गांधी की परछाई बनते थे मगर जब से भाजपा में गये भाजपाई होगये । अब उनको मोदी , शिवराज ओर भाजपा के गुण ओर राहुल , कॉंग्रेस में दोष नज़र आ रहे हैं । वही कॉंग्रेस जिसने उनको 18साल के राजनैतिक कैरियर में 2बार केंद्रीय मन्त्री , 3बार सांसद , राष्ट्रीय महासचिव , उत्तरप्रदेश प्रभारी , मध्यप्रदेश चुनाव अभियान समिति का मुखिया आदि बनाकर सम्मान दिया । आज उनको कॉंग्रेस , राहुल गांधी ओर उनकी विचारधारा में दोष नज़र आने लगे हैं । मैं इस बात से इत्तेफ़ाक नही रखता नज़र जो कॉंग्रेस नेता ओर कार्यकर्त्ता कहते हैं कि यह सब विरासत में मिला है तो उनके आचरण के आधार पर सही ही होगा । ताजा मामले में ज्योतिरादित्य सिंधिया का आचरण फ़िर दृश्यमान हुआ जिसमें यह साबित कर दिया कि सिंधिया घराना “संघ” की विचारधारा का पूर्वोत्तर से उपासक रहा है ओर सुविधा का संतुलन बनाये रखने के लिये कॉंग्रेस -भाजपा में बटा हुआ था । जिसका प्रमाण कॉंग्रेस छोड़ भाजपा की स्थापना करने वाली राजमाता , उनकी पुत्रियां भाजपा में हमेशा रही तो कैलाश वासी माधव राव सिंधिया कॉंग्रेसी ओर उनके आकस्मिक निधन के बाद वर्तमान सिंधिया कॉंग्रेसी होकर मान सम्मान के 18वर्ष व्यतीत करके कमलनाथ सरकार गिराने के दोषी हैं ओर आज उसी भाजपा के राज्यसभा सांसद हैं जिस भाजपा ने उनको लोकसभा में उनके ही सहयोगी कहे या प्रतिनिधि कहे या ? के हाथों करारी हार का दाग़ लगाया था । ख़ैर अब जब सिंधिया भाजपाई होगये तो उनको राहुल गांधी की विचारधारा पर ऐतराज़ ओर देश भर में जनता के निशाने पर मौजूद प्रधानमंत्री की विचारधारा विकासशील नज़र आती है। गत दिनों उनके गृह जिले ग्वालियर में जहां उनका ही नही वरन इतिहास में पहली बार किसी सिंधिया का इस पुरजोर तरीके से विरोध हुआ वहाँ उन्होने अपने विचार व्यक्त कर उनके दोहरे ओर झूठे किरदार को उजागर किया ।
गौरतलब हो कि भाजपा नेता एवं राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तंज कसते हुए बुधवार को कहा कि उनकी (राहुल) सोच टिप्पणियों तक सीमित है, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के विकास और सुरक्षा वाली सोच रखते हैं. गांधी द्वारा प्रधानमंत्री पर नोटबंदी कर अर्थव्यवस्था को तबाह करने के लगाये गये आरोप के बारे में प्रतिक्रिया करते हुए सिंधिया ने ग्वालियर में मीडिया से कहा कि महामारी के वक्त देश की जनता के बीच प्रधानमंत्री ने सुरक्षा का वातावरण बनाया है, अस्पतालों में मरीजों के लिए बिस्तर से लेकर प्लाज्मा एवं आधुनिक दवाईयों की उपलब्धता कराई है, जिससे लोगों की जान बच सके.
उन्होंने राहुल गांधी का नाम लिए बगैर कहा, ‘‘एक तरफ (मोदी की) विकास और सुरक्षा वाली सोच है, वहीं दूसरी तरफ (राहुल की) यह केवल टिप्पणी करने तक सीमित रहने वाली सोच है.” सिंधिया ने कहा कि देश की जनता जागरुक है और सकारात्मक सोच के साथ जुड़ी हुई है और जुड़ी रहेगी. मध्य प्रदेश के बालाघाट एवं मंडला जिलों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की दुकानों से उपभोक्ताओं को खराब गुणवत्ता वाला चावल देने के बारे में सिंधिया ने कहा,‘‘ मीडिया ने जिम्मेदारी से कमियां उजागर कीं और हमारी जिम्मेदारी है कि सिस्टम को सही करके दोषिय़ों पर कार्रवाई करें. दोनों मिलकर लोकतंत्र को मजबूत कर रहे हैं.”
कांग्रेस अध्यक्ष एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस की 15 महीने सरकार रही. जब कमलनाथ मुख्यमंत्री थे, तब वह और कांग्रेस के दूसरे नेता ग्वालियर-चंबल अंचल में आए ही नहीं. सिंधिया ने कहा कि अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कोरोना वायरस और बाढ़ जैसी आपदाओं का सामना करते हुए काम कर रहे हैं. इसके बावजूद हर विधानसभा सीट पर 200 से 300 करोड़ रुपए के विकास कार्य स्वीकृत हुए हैं।
इन विचारों को सुनने ओर समझने के बाद हर कोई यही कह रहा है “पापी संग संगत करे तो मन पापी हो जाए”
