पिपरिया– एक ओर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों के पक्के मकान देने की कवायद सरकार द्वारा की जा रही है, वहीं दूसरी ओर राजश्व कर्मचारियों ने पुराने जर्जर मकानों को चिन्हित करना ही मानो बंद कर दिया है ।जिसके चलते जिम्मेदारो की उदाशीनता का खामियाजा आधा दर्जन लोगों को अपनी जान जोख़िम में डालकर भुगतना पड़ा । घटना है होशंगाबाद जिले के पिपरिया की ,जहाँ कच्चे व जर्जर मकान में संचालित आटा चक्की की दुकान ,तेज बारिश के चलते ढह गयी। घटना में आटा चक्की संचालक समेत पिसाई के लिए आये हुए करीब आधा दर्जन लोग मकान के नीचे दब गए । घटना पौसेरा ग्राम की बताई जा रही है । मकान ढहने से मची चीख पुकार के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को घटना की जानकारी दी । सूचना पर पुलिस ने ग्रामीणों के साथ पहुँचकर मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालकर पिपरिया सरकारी अस्पताल रैफर किया घायलों में राधेश्याम, शंकरलाल ठाकुर, ममता बंशकार, मुन्नी बाई , गुड्डू कहार,कलीराम, राधा कहार हादसे में क़रीब 7 लोगों के घायल होने की खबर है । घायलों में 1 महिला व एक 11 साल की बालिका भी शामिल है । एक महिला समेत 3 गम्भीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रिफर किया गया है | घटना की जानकारी लगते ही शहर के सामाजिक संगठन से जुड़े लोग अस्पताल में घायलों का हालचाल जानने के लिए पहुँचे लेकिन बावजूद इसके कोई भी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि स्थिति का जायज़ा लेने मौके व अस्पताल नही पहुँचा ।
ब्यूरो पंकज पाल खबरें आजतक पिपरिया
