भोपाल –मध्यप्रदेश में फिर व्यापमं बम के धमाके की आवाज सुनाई देगी. कांग्रेस चुनावी साल में व्यापमं बम के जरिए जनता के बीच शिवराज सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रही है. हाल ही कांग्रेस के सीनियर लीडर कपिल सिब्बल और कमलनाथ बहुचर्चित ने व्यापमं घोटाले को लेकर नया खुलासा करने का दावा किया था. अब प्रदेश कांग्रेस की कमान संभालने के बाद कमलनाथ हाईकमान के निर्देश पर व्यापमं घोटाले को लेकर कोई बड़ा खुलासा कर सकते हैं.
दरअसल चुनावी साल में कांग्रेस की कोशिश है कि जनता के बीच सरकार के खिलाफ माहौल बनाकर युवा वोटरों को अपने पाले में किया जाए. आरोप है कि जांच एजेंसियों ने 2006 और उसके बाद 2012 तक हुई परीक्षाओं की जांच नहीं की.
कांग्रेस ने इन्हीं परीक्षाओं की जांच नहीं होने का आधार बताकर सरकार पर गड़बड़ी का आरोप लगाया है. कांग्रेस का यह भी आरोप है कि सीएम शिवराज सिंह चौहान के पास चिकित्सा शिक्षा विभाग का प्रभार था. विभाग के इसी प्रभार को आधार बनाकर कांग्रेस सीएम के विभागीय कार्यकाल में मेडिकल की परीक्षाओं में गड़बड़ी होने का आरोप लगा रही है.
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रशासनिक दृष्टिकोण से बचाव करने के लिए सिर्फ 2012 और उसके बाद आयोजित हुई परीक्षाओं की जांच की गई. कांग्रेस जरूर व्यापमं घोटाले को लेकर जल्द कई बड़े खुलासे करना का दावा कर रही है.
कांग्रेस के व्यापमं बम पर बीजेपी ने कहा कि कांग्रेस सिर्फ आरोप लगा सकती है. पहले भी उसके द्वारा लगाए गए आरोप जांच में सही नहीं पाए गए. बीजेपी ने यह भी कहा कि कांग्रेस के पास अब कोई मुद्दा बचा नहीं है.
