कृषि मंत्री कमल पटेल का बयान अन्नदाताओं का अपमान है
कृषि मंत्री को तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए
खरगोन निप्र(सैयद रिज़वान अली) – शनिवार को खरगोन के दौरे पर आए जिले के प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश के कृषि मंत्री श्री कमल पटेल के विवादास्पद बयान से प्रदेश का किसान आहत है। श्री पटेल ने किसानों का अपमान किया है जो क्षम्य नही है। श्री पटेल ने किसानों के लिए जिस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल किया है वह शर्मनाक है,मध्य प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह को चाहिए कि वह ऐसे गैर जिम्मेदार मंत्री को तत्काल प्रभाव से हटाए । शनिवार को कृषि मंत्री श्री कमल पटेल ने किसानों पर आरोप लगाया की किसानों ने महिलाओं का अपमान किया है? कृषि मंत्री बताए की आखिर किन किसानों ने महिलाओं का अपमान किया? आखिर देश प्रदेश के अन्नदाता पर इस प्रकार का आरोप लगाने का उन्हें किसने अधिकार दिया? प्रदेश का कृषि मंत्री जब किसानों के लिए इस प्रकार की भाषा का प्रयोग करते हैं तो इससे दु:खद और शर्मनाक कुछ हो ही नहीं सकता ।
कृषि मंत्री की निंदनीय सोच और बयान पर कड़ी आपत्ति लेते हुए शहर कांग्रेस अध्यक्ष पूर्णा ठाकुर ने मांग की है कृषि मंत्री अपने बयान पर तुरंत प्रदेश के किसानों से खुले मंच से माफी मांगे, साथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को चाहिए की उनसे तत्काल इस्तीफा ले। श्री ठाकुर ने बताया की कृषि मंत्री का यह बयान भाजपा की किसानो के प्रति सोच को दर्शाता है। आज दिल्ली से लगाकर प्रदेश तक किसान परेशान हैं, लेकिन भाजपा की सरकारें अपने सत्ता के मद में और पूजीपतियों को पोषित करने में लगी हुई है यह किसी से छुपा हुआ नहीं है। अच्छा होता यदि कृषि मंत्री खरगोन यात्रा के दौरान घोषणा करते की जिन किसानों का कर्जा माफ नहीं हुआ है उनका कर्जा माफ करेंगे, अच्छा होता यदि कृषि मंत्री उस तुलावटी भाई के घर जाकर शोक संवेदनाएं व्यक्त करते जिसे उन्होंने बेदर्दी पूर्वक बेरोजगार कर दिया और आर्थिक परेशानियों से तंग आकर उसने आत्महत्या कर ली। प्रदेश में सैकड़ों तुलावटीयो को इन्हीं कृषि मंत्री के व्यवहार से बेरोजगारी का दंश और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पर यह भी सत्य है कि संवेदनहीन सरकार और उसके असंवेदनशील मंत्री से इसके अलावा और क्या उम्मीद की जा सकती है? शहर कांग्रेस यह मांग करती है कि श्री कमल पटेल को तत्काल प्रभाव से मंत्री पद से बर्खास्त किया जाए।यदि ऐसा नहीं होता हैं तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करने हेतु बाध्य होगी | जो अन्नदाता ओं का अपमान करें जो किसानों को महिलाओं का अपमान करने वाला बताएं और संवेदनहीन हो कर अपना मंत्रालय चलाएं ऐसे मंत्री प्रदेश पर बोझ के समान है।

