नई दिल्ली : मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर खासी सरगर्मी है. कांग्रेस नेता और प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने बातचीत में कहा कि वह मुख्यमंत्री पद के दावेदार नहीं हैं. उन्होंने यह भी कहा कि पहले राज्य में संगठन कमजोर था, मगर अब नहीं. अब पार्टी में गुटबाजी भी नहीं है. हम बीजेपी को हम हराने में सफल होंगे. कमलनाथ ने कहा कि भाजपा 2 महीने पहले कहती थी कि कांग्रेस साफ है, लेकिन अब कह रहे हैं कि क्लोज फाइट है. वे इसी तरह गुमराह करते हैं. कमलनाथ से जब यह पूछा गया कि मध्य प्रदेश में तमाम मजबूत नेता होने के बावजूद उन्हें अब तक जीत क्यों नहीं मिली, तो उन्होंने कहा कि पहले हमारा संगठन कमजोर था. साथ ही संगठन में कुछ गुटबाजी भी थी. कोई किसी के ज्यादा करीब होता है और कोई दूर, लेकिन अब गुटबाजी जैसी कोई स्थिति नहीं है. सब एकजुट हैं और हमारा एक ही लक्ष्य है, भाजपा को हराना और मध्य प्रदेश के भविष्य को सुरक्षित रखना.
मेरा कोई गुट नहीं-कमलनाथ
बातचीत के दौरान कमलनाथ ने साफ कहा कि मेरा कोई गुट नहीं है, यह पूरा मध्यप्रदेश जानता है. हो सकता है कि किसी इलाके में सिंधिया जी की मजबूती हो, जो उनका क्षेत्र है. इसी तरह दिग्विजय सिंह संगठन में लंबे समय तक रहे और मुख्यमंत्री थे, इसलिए किसी तरह के तनाव की बात नहीं है. आपस में तालमेल हो जाएगा. कमलनाथ ने कहा कि हम आपस में बात करते हैं, चर्चा करते हैं और रणनीति बनाते हैं और उसी के अनुसार आगे बढ़ते हैं. हमने समितियां बनाई हैं और उसमें सब तरह के लोग जुड़े हुए हैं और उन समितियों की बैठक होती है.
सर्वे के आधार पर मिलेगा टिकट
कमलाथ से जब यह पूछा गया कि टिकट बंटवारे में कौन भारी पड़ेगा तो उन्होंने कहा कि इसमें हल्का या भारी की कोई बात नहीं है. हम सर्वे करवा रहे हैं और हमारा एक ही लक्ष्य है कि जो सर्वे में मजबूत होगा और जिस का जनाधार होगा उसी को टिकट दिया जाएगा. इसके अलावा पर्यवेक्षक भी घूम रहे हैं और वह भी स्थिति का जायजा ले रहे हैं. उन्होंने कहा कि पहली दफा हम लोग इस तरह का सर्वे करवा रहे हैं. साथ ही एआईसीसी के अन्य प्रदेशों के 60 से 70 लोग मध्य प्रदेश में पिछले 6 महीनों से घूम रहे हैं.
