महकमे की करतूतों पर कब तक ओके होता रहेगा
मादक प्रदार्थ, अवैध शराब, अवैध हथियार की छतरपुर जिले मे खुलेआम मंडी सजी है। आरोप है यह अनैतिक कार्य खाकी के संरक्षण मे ही फल फूल रहे है। सबूत के तौर नितरोज वीडियो वायरल हो रहे है और शिकायते भी हो रही है पर जिम्मेदारों के ओके मे पूरी करतूते सिमट जाती है।
अवैध हथियार और शराब के मामले मे कड़ी जोड़कर सरगनाओं तक पंहुचा जायेगा, यह उदगार सुर्खिया अवश्य बटोरते है पर आम जनता तो हैरान परेशान और त्रस्त ही है। अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद है कि गोलियों कि आवाजे गूंजती रहती है। अपराधी पकड़ उनसे अवैध असलाह भी जप्त हो रहे है लेकिन अपराध दर्ज कि औपचारिकता निभाई जा रही है। शराब का कारोबार तो परचून कि दुकान कि तरह सजा हुआ है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे है जो खाकी कि अस्मिता पर कालिख पोतने जैसे है। एक वायरल वीडियो तो पुलिस महकमे को शर्मसार कर देने जैसा है जिसमे एक नाबालिग सी दिखनी वाली लड़की अवैध शराब बेचती दिख रही है। मादक प्रदार्थ का मामला तो सुर्खियों मे है जिसमे खाकी के घूसखोरी तंत्र कि असलियत दिखती है। इस मामले मे दो सिपाही पर कार्यवाही भी हुई। गुरुवार को ओरछा रोड थाने का जुआँ कांड सोशल मीडिया कि सुर्खिया बटोरता रहा। इस मामले मे कोई पूछने वाला नहीं है कि आखिर सरगना को क्यो छोड़ा,, मोबाइल और तीन मोटरसाइकिल क्यो जप्त नहीं की गई। आरोपों मे कि क्या 30 हजार मे पूरा मामला सेट हो गया था।
चिंताजनक कहे या हैरान करने जैसा कि यह पूरे मामले जिला मुख्यालय पर कप्तान साहब कि नाक के नीचे हो रहे है जो खाकी वर्दी कि नाक काटने जैसे है। शराब, हथियार, जानलेवा मादक प्रदार्थ का धंधा बेखौफ पनप किसी दुकान कि तरह सजा है. जो पुलिस महकमे कि सगुन न्योछावर परम्परा को आरोपों मे साफ इंगित करता है लेकिन अफ़सोसजनक कि एक ओके मे पूरी कालिख सिमट कर रह गई है।
पुलिस के नाम पर फिकता इक्का
पुलिस महकमे के कारनामें भी अजब और गजब है। क्या किसी जुआँ के फड़ पर पुलिस कि न्योछावर के लिये ताश का इक्का फिकता होगा.। चौंके मत, ऐसा भी होता है। बारीगढ़ इलाके का एक चर्चित जुआँ के फड़ का अजीब उसूल है जहाँ इक्का फिकते ही पुलिस का खाता शुरू हो जाता है.।
जुआँ का फड़ चल रहा है.। ताश के पत्तों पर जीवन कि किस्मत अजमाने वाले कोई हार रहे है और कोई जीत रहा है लेकिन पुलिस का खाता तो हमेशा जीत रहा है क्यो कि हर इक्का पुलिस खाते कि बढ़ोत्तरी कर देता है। बारीगढ़ से गौरिहार मार्ग पर प्रकाश बम्हौरी तिराहे के पास एक गोदाम मे हाल ही मे जुआँ कि नई दुकान का शुभारम्भ हुआ है। इस दुकान के उसूल कुछ अलग है। फड़ जमते ही 5-5 सौ रूपये बैठकी के वसूले जाते है। दांव लगने शुरू होते ही पुलिस के फड़ अकॉउंट मे रुपया जमा होना शुरू हो जाता। पुलिस खाते कि किस्मत भी दांव पर रहती है क्योंकि हर इक्का पुलिस अकॉउंट को 500 रूपये देता है। बताया गया कि जिस जुआरी के हाथ मे ताश कि गड्डी होती है वह अंदर और बाहर पत्ता फेकता है। अगर इक्का अंदर फीका तो गड्डी वाले को 500 सौ और बाहर फीका तो किस्मत अजमाने वाले सभी लोगो को 5-5 सौ रूपये पुलिस अकॉउंट मे जमा करने होते है। खबर है इस फड़ पर पुलिस अकॉउंट मे रोज लगभग 20 से 25 हजार रूपये जमा हो जाता है। पूरे क्षेत्र मे यह जुआँ का फड़ अपने नियमों के लिये चर्चा मे है। कहा तो जाता है कि आला अधिकारियो तक को खबर है। चर्चाओ मे कितना दम है यह तो पुलिस महकमा ही समझ सकता है। जिसकी ख़ुफ़िया तौर पर हकीकत भी जाननी होंगी और सच है तो कार्यवाही भी जरुरी है।
(धीरज चतुर्वेदी )के साथ @खेमराज चौरसिया(आरटीआई कार्यकर्ता) +91-9893998100
