ओमप्रकाश चौकसे की खोजी ख़बर (-9893456101)
इन्दौर। फांसी लगाकर खुदकुशी करने वाली खुशी कूलवाल की आत्महत्या के पीछे क्या एक आईएएस अफसर और एक प्रतिष्ठित कॉलेज “होराइज़न ओएसिस पार्क (निपानिया)” के तीन बिगडे रईसजादों का हाथ है ?

जी हां, “मीडिया”के पास ये सनसनीखेज जानकारी है जिसके मुताबिक इन्दौर के तीन बिगड़े रईसजादों और इन्दौर के एक आईएएस अफसर ने इस महिला का भरपूर फायदा उठाया और उसे इस हद तक मानसिक यातना दी कि उसने तंग आकर गत् “गुरुवार की रात” में खुदकुशी कर ली। लेकिन स्थानीय आरोपी आईएएस अफसर के प्रभाव के कारण पुलिस इस मसले पर कार्रवाई नहीं कर पा रही है और मामले को रफा—दफा करने में जुटी हुई है।
हमारे सूत्रों के मुताबिक इस अफसर और महिला का “आॅडियो” भी पुलिस के पास है लेकिन इसे पुलिस ने जारी नहीं किया गया है और ना ही इस आईएएस अफसर से अभी तक कोई पूछताछ ही की है।

इस आईएएस की शिकायत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह तक भी पहुंच चुकी है लेकिन भोपाल में अपने तगड़े संपर्कों के कारण इस अफसर की कुर्सी अभी तक बची हुई है।
दरअसल, ये आईएएस “इंदौर” के पहले “भोपाल” में तैनात थे और वहां भी इनकी रंगरेलियों के किस्से वल्लभ भवन से लेकर प्रशासनिक हलकों में आम थे।
खुशी कूलवाल-का इतिहास –
37 साल की खुशी अपने पति “मयंक कूलवाल” से काफी तंग आ चुकी थी और दोनों ने ही एक-दूसरे से तलाक के लिए अर्जी दे रखी थी। दरअसल, खुशी कूलवाल अपने पति मयंक की कुछ आदतों से बेहद तंग थी और वो उसे छोड़कर अकेले रहने लगी थी। बताया जा रहा है कि खुशी अपने बेटे के कारण दोबारा मयंक के साथ रहने के लिए तैयार भी हो गई थी लेकिन इस बीच उसकी पति और ससुराल वालों से नहीं बनी और उसने पति के खिलाफ महिला थाने में शिकायत भी की थी।
दारुबाजी और अय्याशी के लिए बदनाम यशवंत क्लब से मिल रही जानकारी पर यकीन करे तो कुछ समय पहले खुशी की सास ने क्लब में जबरदस्त हंगामा किया था और कुछ महिलाओं पर खुशी को बर्बाद करने का आरोप भी लगाया था। यशवंत क्लब में बेहद चर्चित रही खुशी हाई प्रोफाइल और लेट-नाइट पार्टियां करने के लिए मशहूर थी। क्लब में ही वो इन बिगलैड रईसजादों के संपर्क में आई और इनके जाल में ऐसे उलझी की कभी बाहर निकल ही नहीं पाई।
हमें मिल रही जानकारी के मुताबिक ये रईसजादे खुशी के साथ गोवा में छुट्टियां मनाने भी गए थे और वहां की तस्वीरें और फोटो सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बने हुए है। यहां तक की हाल ही में हुए यशवंत क्लब के चुनाव में भी गोवा का वीडियो बड़ा मुद्दा भी था। इन लोगों ने बायपास पर एक निजी स्कूल को अपनी अय्याशी और शराबखोरी का अड्डा बना रखा था।
इन तीन रईसजादों में से एक होटल समूह से जुड़ा है और प्रशासन में काफी अच्छी पकड़ रखता है। वहीं दूसरा शख्स पुराने दरबार परिवार से जुड़ा है। तीसरा शख्स दिवालिया हो चुका है और बैंक ने संपत्ति की नीलामी के लिए विज्ञापन भी दिया था लेकिन जब से इस आईएएस की स्थापना शहर में हुई है तबसे इस शख्स की आर्थिक स्थिति में आश्चर्यजनक ढंग से सुधार आया है।
फिलहाल पुलिस से जुड़े एक आला अधिकारी इस मामले को खुद देखने और दोषियों पर कार्रवाई की बात कह रहे हैं लेकिन इस हाई प्रोफाइल केस की ईमानदारी से जांच की जाये तो कई बड़े लोग इसमें घिरेंगे।
दरअसल, खुशी को रहने के लिए पहले एक फ्लैट दिया गया और फिर उस पर पैसे के लिए दबाव बनाया गया। पैसा ना चुकाने पर उससे कई गलत काम करवाने और लोगों को बदनाम करवाने की कोशिश भी की गई। जिसके बाद चारों तरफ से आ रहे दबाव को खुशी सहन नहीं कर पाई और उसने आत्महत्या कर ली ।
(साभार -ओमप्रकाश चौकसे वरिष्ठ पत्रकार मप्र)
