आकाश उपाध्याय ज़िला अलीराजपुर ब्यूरो
जोबट। देखा जा रहा है की इस समय देश में भाजपा तेजी से पाँव पसार रही है कुछ लोग इसे मोदी लहर भी मान रहे है! मगर मध्यप्रदेश में मोदी लहर पर भिन्न भिन्न संगठनों की हड़तालो का तुफान भारी पडता नजर आ रहा है, डर यह है की गत कई महीनों से चल रहे इस हड़तालो के तुफान में भाजपा की शिवराज सरकार तीनको की तरह न उड जाये ! भूतपूर्व कांग्रेस की सरकार ने भी हम कर्मचारीयों की जायज मांगो को अनदेखा किया था और उसे जाना पढ़ा था!
उपरोक्त बातें कर्मचारीयो के भिन्न भिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने हमारे प्रतीनिधी को कहीं ! इस अवसर पर हड़तालरत बहुउद्देशीय स्वास्थ कर्मचारी संघ की ब्लाक अध्यक्ष श्रीमती उषा उपाध्याय ने एक भेंट के दौरान कहा की देखा जा रहा है की मध्यप्रदेश में विभिन्न कर्मचारी संगठन अपनी मांगों लेकर आंदोलन कर रहे हैं,ऐसे में न्यु बहुउद्देशीय स्वास्थ कर्मचारीयो की केवल दो सुत्रीय मांग है जिस पर मुख्यमंत्री विगत पांच साल से आश्वासन दे रहे है हमारे संगठन ने भी उनके हर आश्वासन पर विश्वास किया मगर हर बार छले गये मगर इस बार संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष रामकीशोर सिंह भदोरीय एवं जिलाध्यक्ष भारत सिंह मोरी के नेतृत्व में आर पार की लड़ाई है और फिर हमारी मांग भी न्यायसंगत है जिसमें समान काम समान वेतन की मांग करते हुए वेतन विसंगतियों को दुर करने तथा वर्षों से कार्यरत संवीदा/ एएनएम/ एमपीडबल्यु/मलेरिया वर्कर इत्यादि के नियमितिकरण की बात है और यह दोनों मांगे हर तरह से न्यायसंगत है जीसे सरकार ने मानना चाहिये ! बहुउददेशी स्वास्थ कर्मचारी संघ के अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता,सहायिकाएं, आशा कार्यकर्ता,समेत अन्य विभाग की महिला संविदा कर्मचारी भी सरकार के खिलाफ सड़क पर आंदोलन कर रही हैं, मगर देखा जा रहा है की सरकार ने किसी भी महिला संगठन की मांगें मानना तो दूर किसी से चर्चा तक भी नहीं की है !
वैसे 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस है और सरकार विभिन्न महिला संगठनों के बीच महिला सशक्तिकरण का ढिंढौरा पीटने जा रही हैं! हो सकता है इस दिन सरकार महिलाओं को लेकर कोई लोक लुभावनी घोषणा कर सकती है….? कुछ भी हो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान या भाजपा सरकार को अतीशिघ्र कोई कर्मचारी हितेषी फैसला लेना होगा ! बिती 28 फरवरी को बहुउद्देशीय स्वास्थ कर्मचारी संघ भोपाल में अपनी मांगो को लेकर सड़क पर उतर चुका है तथा आंदोलन निरंतर जारी है इसके साथ ही जो जानकारी मिली है उसके अनुसार अब महिला एवं बाल विकास विभाग 8 मार्च गुुरुवार को राजधानी भोपाल के जवाहर बाल भवन प्रांगण में एक प्रदेश व्यापी महिला सशक्तिकरण का कार्यक्रम करने जा रहा हैi खबर है कि इस आयोजन में विभिन्न वर्ग की महिलाओं को नारी सशक्तिकरण की दिशा में बेहतर काम करने के लिए सम्मानित भी किया जाएगा। इसी दिन नारी जागरूकता के लिए मंत्री अर्चना चिटनीस द्वारा पिछले साल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर शुरू किए गए नारी शक्ति अभियान का समापन किया जाएगा। इस अभियान के जरिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने हर वर्ग की महिलाओं को जोड़ने का दावा किया है, लेकिन साल भर यह अभियान किस ढंग से संचालित हुआ, इसको लेकर कोई स्पष्टीकरण देने को तैयार नहीं है।
महिला सशक्तिकरण को लेकर आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम पर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि महिला एवं बाल विकास विभाग की हजारों कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रही हैं, लेकिन सरकार ने उनसे अभी तक चर्चा तक नहीं की है ! उपरोक्त स्थीती दिग्विजय सिंह की कांग्रेस सरकार की याद दिला रही हैं जब इसी प्रकार की हठधर्मीता के कारण दिग्विजय सरकार को जाना पड़ा था ..! वर्तमान सरकार को यह नहीं भूलना चाहिए की आज अगर भाजपा प्रदेश में सरकार में है तो इसमें कर्मचारीयो की अहम भूमिका है । खैर सरकार के महिला श-शक्तीकरण के दावों की पोल खोल रहा है भिन्न भिन्न महिला संगठनों का आंदोलन और यह आंदोलन रुपी तुफान भाजपा के लिये अच्छा संकेत नहीं…!
