बुरहानपुर. शहर में दमदार आवाज और भाषणों के दम पर अपनी अलग पहचान बनाने वाले नेता इसामुद्दीन लीडर अब नहीं रहे। उन्होंने दुनिया को 55 वर्ष की उम्र में ही अलविदा कह दिया। लीडर बुरहानपुर में करीब 9 चुनावों में अपना भाग्य आजमा चुके थे। उन्होंने महापौर, विधायक और सांसद तक के चुनाव लड़े। आम जनता और नेताओं के बीच लीडर हमेशा सुर्खियों में रहते थे। अपनी कदकाठी के विपरित लीडर ने अपनी पहचान बनाई थी।
टक्कर के बाद चार माह में मौत
इसामुद्दीन लीडर को करीब चार माह पूर्व एक तेज रफ्तार से आ रहे बाइक सवार ने तहसील कार्यालय के सामने जोरदार टक्कर मारकर घायल कर दिया था। तब से लीडर की तबीयत खराब चल रही थी। इस हादसे के बाद लीडर के दीमाग की नस चोक हो गई। बुरहानपुर से इंदौर रेफर करने के बाद आखिरकार शनिवार तड़के 4.30 बजे लीडर ने अंतिम सांस ली। लीडर अपने पीछे चार बेटे, दो बेटियां और अपनी पत्नी को छोड़ गए। लीडर का जनाजा आज उनके निवाासी हुसैनी आलम इतवारा से शाम चार बजे निकलेगा
