एक्सक्लूसिव रिपोर्ट
छतरपुर । जिले की महाराजपुर तहसील अंतर्गत तहसील हाईस्कूल ,नगर पालिका एवं कुछ अन्य कार्यालय सूचना के अधिकार की जानकारी देने में सिर्फ पत्राचार कर खानापूर्ति तो कर रहे हैं जानकारी लेने को कार्यालय तो बुलाते हैं पर जानकारी उपलब्ध नहीं करा पा रहे है।
जैसे नगर पालिका महाराजपुर की खरीदी की जानकारी, शासकीय हाईस्कूल की अपील की सुनवाई एवं महाराजपुर तहसील क्षेत्र के जवाब तहसील कार्यालय से अतिक्रमण एवं वृक्ष की कटाई के संबंध में जानकारी पटवारी प्रतिवेदन से दी गई है जो की पूर्णता असत्य है।
वैसे तो व्यवस्थाओं के नाम पर महाराजपुर तहसीलदार मैं दो तहसीलदार पदस्थ है। गढ़ी मलहरा सर्किल में कु.रूपमा गुप्ता तो महाराजपुर सर्किल में आनंद जैन जी आनंद से पदस्थ है पर मुख्यालय पर निवास नहीं है। दोनों ही सर्किल मैं शासकीय जमीन पर अतिक्रमण चरम पर है गढ़ी मलहरा सर्किल में गोरारी हल्का जिसमें तहसील स्थित है पर शासकीय अतिक्रमण नजर नहीं आ रहा साहब को तो वही महाराजपुर सर्किल में कुसमा हल्का जहां बस स्टैंड के पास शिव सागर तालाब ओवरफ्लो की जमीन पर पुनःअतिक्रमण हो रहा है इस दोनों मामले में आर टीआई में भी जानकारी ली गई थी जो अति दबाव के बाद मुझे लेनी पड़ी 29/ 6/2020 को जानकारी मिली तो पर पटवारी प्रतिवेदन से असत्य जानकारी दी गई एवं महाराजपुर पटवारी, आर आई, प्रतिवेदन पर तहसीलदार द्वारा दर्ज किए गए शासकीय जमीन अतिक्रमण प्रकरण मैं पुनः अतिक्रमण होंना सुरु होगया जो की सूत्रों बताते है।
लॉकडाउन के पूर्व जो अनुविभागीय अधिकारी के न्यायालय में हल्का पटवारी ने मामला दर्ज कराया पर तारीखें पर तारीख से आगे को बढ़ रहा है अभी लॉक डाउन है शासकीय बेशकीमती जमीन पर भू माफियाओं द्वारा 2006 से लेकर 2020 तक इसी तरह थोड़ा-थोड़ा कर कर अतिक्रमण किया गया और जमीन को विक्रय कर दिया गया फिर दोबारा अतिक्रमण फिर विक्रय किया यह सिलसिला बदस्तूर जारी है।
क्या कभी अतिक्रमण मुक्त हो पाएगी शिव सागर तालाब ओवरफ्लो मेन रोड बस स्टैंड पर की बेशकीमती कीमती जमीन पर कभी अतिक्रमण हट पाएगा या नहीं एवं नगर पालिका महाराजपुर ने किस आधार पर रिकॉर्ड में दर्ज की भूस्वामी के नाम..?
शिवसागर तालाब ओवरफ्लो की जमीन पर से 2006 से लेकर 2020 तक अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका जो भी आया कुछ ना कुछ लेकर गया आज भी ऐसा ही हुआ है लॉकडाउन के पूर्व हल्का पटवारी तहसीलदार ने अनुविभागीय अधिकारी के समक्ष मामला भी बना दर्ज कराने की जानकारी सूत्रों से मिली मामले में पुनः तहसील ने एसडीएम न्यायालय में अतिक्रमण हटाने के लिए मामला दर्ज तो करा दिया पर लॉकडाउन का बहाना लेकर भू माफिया निर्माण कार्य कर रहे हैं और प्रशासनिक अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।
महाराजपुर तहसील क्षेत्र के प्रमुख अधिकारियों के मुख्यालय पर निवास नहीं है जवाबदार नगरीय प्रशासन प्रभारी सीएमओ एवं तहसील में पदस्थ अधिकारियों हल्का पटवारियों के निवास ना होने से शासकीय जमीन एवं नजूल की जमीनों पर अतिक्रमण बेधड़क जारी।
इस संबंध में तहसीलदार साहब ने तो लॉकडाउन चल रहा है इसी की रट लगा रखी है एवं न्यायालय जाने तक की सलाह दे दी है तो सवाल यह भी उठता है कि क्या तहसीलदार महोदय की आदेशों को नगरपालिका पालन नहीं करवा पा रहा जो यह जमीनों पर अतिक्रमण हो रहे हैं या कुछ और भी है इन अवैध काम के नाम पर लॉक डाउन का ढपली बजाए जा रही है।MP//छतरपुर//महाराजपुर
✍संवाददाता:-खेमराज चौरसिया(आरटीआई कार्यकर्ता)
