हमारे विशेष सम्वाददाता याकूब ख़ान की ख़ास ख़बर
भोपाल । मप्र मे वास्तव मेँ जंगल राज है , क़ानून का उल्लंघन करने वाले मौज करते हैं और पालन करने वाले सज़ा भुगतते हैं । क़ानून के रक्षक एवं जनता की सुरक्षा , जनसेवा का दावा करने वाली पुलिस कहीं तो बिना क़ानून जाने बड़े बड़े मामलों मेँ कूद जाती हैं तो कहीं जानते बूझते क़ानून जानने मेँ अनभिज्ञता दिखाकर जानकारों को धमकाने से भी बाज नही आती । अफसोस होता है कि थाने का निरीक्षक यह कहे कि मैंने तो अपनी पूरी सेवा अवधि मे इस क़ानून के तहत मुकदमा दर्ज नही किया ।

गौरतलब हो कि महाराजपुर के वरिष्ठ पत्रकार , आरटीआई एक्टिविस्ट कौंसिल ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय महामंत्री एवं खबरें आजतक के मप्र एवं छत्तीसगढ़ के विशेष प्रतिनिधि खेमराज चौरसिया द्वारा आज जब छतरपुर के महाराजपुर थाने मेँ राष्ट्रीय ध्वज अपमान अधिनियम का उल्लंघन करने वाले एक समाचार पत्र के विरुध्द प्राथमिकी दर्ज कराने के लिये महाराजपुर थाने के थाना प्रभारी श्री के .बी .आर्या (9425735207) के समक्ष दस्तावेजी साक्ष्यों के आवेदन प्रस्तुत कर निवेदन किया तो थाना प्रभारी ने यह कहकर प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार कर दिया कि मेरी 35 साल की नौकरी मेँ मैं कभी राष्ट्रीय ध्वज अपमान अधिनियम के तह्त कोई मुकदमा दर्ज नही किया , आप अदालत जाये । श्री चौरसिया द्वारा जब क़ानून बताना चाहा तो थाना प्रभारी झल्ला गये बोले मैं नही मानता इसको , मैं रिपोर्ट नही लिखूंगा ।
हमारे प्रतिनिधि ने जब थाना प्रभारी श्री आर्या की हमारे समूह सम्पादक एवं अधिवक्ता सैयद ख़ालिद कैस से फोन पर बात कराई तो थाना प्रभारी ने यह मानने से इनकार कर दिया कि राष्ट्रीय ध्वज अपमान अधिनियम के उल्लंघन का भी कोई मुकदमा बनता हैं उन्होंने पुनः दोहराया अदालत जाओ , मैं नही लिखूंगा रिपोर्ट ! साथ ही श्री आर्या ने यह तक कह डाला जहां शिकायत करनी हो कर दो , मुझे डर नही । (श्री आर्या से हुईं वार्ता की ऑडियो उपलब्ध है )
क्या है मामला –
07 अगस्त 2018 को दैनिक भास्कर के भारत भर मेँ प्रकाशित समस्त अंको सहित अपने ई पेपर मेँ एक लेख प्रथम पृष्ठ पर प्रकाशित किया था जिसमें राष्ट्रीय ध्वज के अभिन्न अंग अशोक चक्र पर बने तीन शेरों की आकृति पर शिवराज सिंह चौहान , कमलनाथ एवं ज्योतिरादित्य सिंधिया के चित्र छपे थे । यह कृत्य राष्ट्रीय ध्वज अपमान अधिनियम के तहत उल्लंघन की श्रेणी मे आता है । जिसके विरुध्द खेमराज चौरसिया द्वारा महाराजपुर थाने मेँ आवेदन देकर प्राथमिकी करने का निवेदन किया था ।
अब कौंसिल द्वारा न्यायालय मे जँहा एक और परिवाद दाखिल किया जायेगा , वहीं थाना प्रभारी के व्यवहार से आला अफ़सरों को अवगत कराया जायेगा ।
