मुंबई -शिशु मृत्यु दर कम करने, टीबी समेत अन्य बीमारियों के प्रति जागरूकता अभियान चलाने के लिए आशा और एएनएम को कौशल विकास प्रशिक्षण देने के संदर्भ में महाराष्ट्र सरकार ने जॅान्सन ऐंड जॅान्सन के साथ करार किया है।
इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. सावंत ने बताया कि राज्य के खनन मजदूरों और उनके परिवारों को टीबी के संबंध में जानकारी देने और टीबी से बचाव के लिए जॅान्सन ऐंड जॅान्सन राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग को सहयोग करेगा। राज्य के 9 जिलों में शिशु व माता मृत्यु दर अधिक है। इन जिलों में नर्स और आशा कार्यकर्ताओं को नवजात शिशुओं की देखभाल, गोल्डन-मिनट में उनको मिलने वाले इलाज के संदर्भ में जॅान्सन ऐंड जॅान्सन स्वास्थ्य विभाग की मदद से कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जाएगा।
डॉ़ सावंत ने बताया कि गर्भावस्था में संक्रामक रोग के संबंध में भी जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। एएनएम और आशा कार्यकर्ता ग्रामीण स्तर पर मरीजों की सेवा करती हैं। गौरतलब है कि राज्य में करीब 10,000 एएनएम और 60,000 आशा कार्यकर्ता हैं। प्रदेश के सभी जिले के ‘नवजात शिशुओं के लिए इमरजेंसी वॉर्ड (एसएनसीयू) का प्रशिक्षण दिया जाए। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ.प्रदीप व्यास, राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान आयुक्त संजीव कुमार, जॅान्सन ऐंड जॅान्सन के कार्यकारी निदेशक सुशोभन दासगुप्ता उपस्थित थे।
