सीहोर से सतीश सेन की रिपोर्ट
देखिए शमशान में दफनाई डेड बॉडी निकालने पहुँची जब यह महिलाएं,फिर क्या हुआ
मुश्किल समय में भी निभा रही अपनी ड्यूटी और कर्तव्य आष्टा की यह महिला अधिकारी
नारी शक्ति को नमन जितनी भी प्रशंसा की जाए कम है। वर्तमान में महिलाएं हर जगह पुरुषों की बराबरी कर रही हैं। फिर वह कोई भी क्षेत्र हो वायु सेना हो या सेना या पुलिस विभाग छोटे से लेकर बड़े पदों पर महिलाएं तैनात हैं और अपने मजबूत इरादों से खुद की पहचान बना रही है। लेकिन जब रूढ़िवादी समाज के वर्षो पुरानी परंपरा पर नजर डाले तो शमशान घाटो पर महिलाओं को जाना वर्जित माना जाता रहा है लेकिन बदलते समय के दौर में महिलाएं भी अपने दायित्वों, कर्तव्यों को ईमानदारी से बेखूबी निभा रही है ऐसा ही कुछ सीहोर जिले की आष्टा तहसील में देखने को मिला जब उपचुनाव में लगे पुलिस बल के कारण स्थानीय थाने में पुलिस बल की कमी के कारण पार्वती थाने में पदस्थ महिला पुलिसकर्मी सुरेखा जाटव को दो दिन लगातार शमशान घाट जाना पड़ा ।
दअरसल बीते दिनों पार्वती थाना अंतर्गत पगारिया घाटी पर लावारिस हालत में मिले महिला के शव को पार्वती पुलिस में पदस्थ महिला पुलिसकर्मी सुरेखा जाटव ने अपने मजबूत इरादों से आष्टा शमशान घाट पहुंच कर दफनाया बल्कि शिनाख्त होने के बाद आज डेड बॉडी लेने आये परिजनों के साथ पुनः शमशान घाट पहुँची।
वही इस दौरान आष्टा राजस्व विभाग की दोनो नायब तहसीलदार अंकिता वाजपेयी और पूर्णिमा शर्मा भी शमशान घाट पहुँची । और नगरपालिका के अमले के साथ घंटो खड़े रहकर उक्त महिला की डेड बॉडी को निकल वाया। जिस तरह से शमशान घाट पहुंच कर दोनो नायब तहसीलदार अंकिता वाजपेयी,पूर्णिमा शर्मा और पार्वती थाने की महिला पुलिसकर्मी सुरेखा जाटव ने बदबू मार रही डेड बॉडी को घंटे भर खड़े रहकर निकलवाया उससे यही स्पष्ट नजर आता है अब नारी अबला नहीं सबला है इस तरह की ही मजबूत इरादों की महिलाओं की देश मे मिशाल दी जा रही है । देखा जाय तो अब कोई ऐसा क्षेत्र नहीं हो जहां पर महिलाओं के कदम न पड़े हों। देखा जाए तो बेटियां अब बेटों से कम नहीं है। इस लिए ऐसी बुलंद इरादों वाली महिलाएं सम्मान के योग्य है ।लिहाजा इस दौरान नगरपालिका आष्टा के जमादार पप्पू खरे और सफाई कामगार मनोज गेलावरे ने कड़ी मशक्कत से गड्डा खोदकर शव को बाहर निकाला।
