भोपाल। पांच राज्यों मेँ विधानसभा चुनाव सम्पन्न होने के बाद सबको बेसब्री से 11दिसम्बर को होने वाली मतगणना का इन्तेज़ार है । एक और जहाँ कमलनाथ को मुख्यमन्त्री मानकर उनके समर्थको द्वारा कमलनाथ की ताजपोशी का ऐलान कर रहे हैं वहीं कॉंग्रेस का एक बड़ा धड़ा ज्योतिरादित्य सिंधिया को मुख्यमन्त्री के तौर पर देखकर उनकी ताजपोशी चाहता है , दोनों नेताओं द्वारा मुख्यमन्त्री नही बनने जैसी कोई घोषणा नही करना संशय निर्मित कर रहा है । जिससे निपटने की जिम्मेदारी आला कमान ने अपने ऊपर ले ली है ।
मप्र मेँ आ रहे एग्जिट पोल के बाद कांग्रेस उत्साहित है। सोनिया गांधी ने सभी नेताओं को दिल्ली बुलाया है। सोनिया गांधी के घर में बैठक चल रही है। माना जा रहा है कि इस दौरान मध्यप्रदेश के भावी मुख्यमंत्री का नाम तय करने की प्रक्रिया के लिए पहल कर दी जाएगी।
कांग्रेसी सूत्रों का कहना है कि सोनिया गांधी ने कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित सभी प्रभावशाली नेताओं को बुलाया है। कई केंद्रीय एवं कांग्रेस की राजनीति में प्रभाव रखने वाले नेता भी वहां मौजूद हैं। एक रोज पहले कमलनाथ ने राहुल गांधी को फीडबैक दिया था। माना जा रहा है कि 10 जनपथ अब आश्वस्त है कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस की ही सरकार बनेगी।
सूत्रों का कहना है कि इस मीटिंग में एक प्रमुख मुद्दा यह भी है कि यदि 116 से कम सीटें आईं तब क्या करेंगे। क्या बसपा से गठबंधन कर लेना चाहिए। जिन बागियों को निष्कासित किया गया था, उनकी तरफ भी देखा जा रहा है। कांग्रेस सत्ता में आती है तो उन्हे भी शामिल कर लिया जाएगा। इसके साथ ही मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री कौन होगा, इस पर भी प्राथमिक विचार किया जाएगा। कमलनाथ चाहते हैं कि फैसला 10 जनपथ से ही हो, जबकि राहुल गांधी शुरू से ही ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम आगे बढ़ा रहे हैं।

