पैरेंट्स को एक कमरे में बंद कर नाबालिग के साथ पुलिस वाले ने कई महीनों किया दुष्कर्म
सैयद खालिद कैस भोपाल
भोपाल : मप्र का यह चुनावी वर्ष है , वर्ष के आखिर तक चुनाव के बाद नईं तस्वीर सामने आयेगी । जनता घोषणावीर शिवराज को चुनती है या अन्य किसी दल के हाथ मप्र की कमान होगी । पर एक बात तो सिद्ध है कि जनता में अपना जनाधार खोते जा रहे शिवराज सिँह चौहान के चेहरे पर दिखने वाली हंसी उनके वादों की तरह झूंठी है । प्रदेश में 15वर्षों से भाजपा की सरकार है , 12वर्षों से शिवराज का राज है , परंतु अपराध अपनी चरम सीमा की सीमायें लांघ चुके है और पुलिस रक्षक की जगह भक्षक की भूमिका निभा रही है । शिवराज मामा चैन की बाँसुरी बजा रहे और महिला अपराध में प्रदेश ने प्रथम स्थान हासिल कर लिया है । मप्र हर रोज शर्मसार हो रहा है , और घोषणावीर मामा करोड़ों के रथ पर सवार “जन आशीर्वाद यात्रा ” के नाम पर जनता को ठग रहे हैं , जनता की आत्मा , विश्वास के साथ कुठाराघात कर रहे हैं ।
मप्र फिर हुआ शर्मसार -पुलिस की वर्दी हुईं दागदार
मध् प्रदेश के रीवा जिले के मऊगंज थाना प्रभारी महेन्द्र मिश्रा को 15 वर्षीय एक किशोरी को शादी का झांसा देकर उससे बलात्कार करने के मामले में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मिश्रा की उम्र 45 साल है। उन्होंने लड़की को शादी का झांसा दिया था। पीटीआई के मुताबिक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) शिव कुमार सिंह ने बताया कि पीड़िता ने शिकायत में कहा है कि उसके घर में ही पिछले कई महीने से रेप किया जा रहा था। इस दौरान आरोपी लड़की के पैरेंट्स को एक कमरे में बंद कर देता था।
एएसपी ने कहा कि 27 जुलाई को मिश्रा ने शादी की बात कहकर लड़की को मऊगंज बुलाया था। यहां एक लॉज में ठहराया और फिर रेप किया। शिव कुमार ने ‘भाषा’ को बताया, ‘15 वर्षीय लड़की को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के मामले में मऊगंज थाना प्रभारी उपनिरीक्षक महेन्द्र मिश्रा को रात में गिरफ्तार किया गया।’
मऊगंज के अपर सत्र न्यायाधीश मनीष पाटीदार की अदालत में मिश्रा को पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मिश्रा पहले से ही शादीशुदा है। पीड़ित 9वीं क्लास में पढ़ाई करती हैं। रीवा जिला मुख्यालय से मऊगंज करीब 60 किलोमीटर दूर है।

