भोपाल -मध्य प्रदेश से जुड़ा प्रवेश एवं भर्ती घोटाला है , इस घोटाले में मध्य प्रदेश के बड़े-बड़े नेताओं के नाम सामने आया पर केवल एक नेता की गिरफ्तारी हुई ,वह नेता पूर्व मुख्यमंत्री के बहुत करीब हुआ करते थे , इस घोटाले में अक्सर कुछ नाम चर्चाओं में आते थे उसमें पूर्व मुख्यमंत्री का नाम बार-बार लिया जाता था अब कांग्रेस सरकार आ गई है कांग्रेस ने पिछले चुनाव में व्यापम को मुद्दा बनाया पर उसको कामयाबी नहीं मिली , इस बार रफेल का मुद्दा उठाया और किसानों के हित में बहुत सारी घोषणाएं की और किसी तरीके से बहुमत के करीब पहुंच गए ।
व्यापम ने कई लोगों की जिंदगी छीनी, इन मौतों में से 10 संदेहास्पद मौतें थी , जबकि अन्य को स्वाभाविक मौतें मानी गई थीं
व्यापम घोटाले को लेकर दिग्विजय सिंह ने शपथ पत्र के माध्यम से जांच की मांग न्यायालय मे की थी , पूर्व मुख्यमंत्री को बचाने का आरोप भी लगाया था , पर एसआईटी ने पूर्व मुख्यमंत्री की शिकायत को संज्ञान में लिया और फॉरेंसिक विश्लेषण के लिए एक्सल शीट को फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेज दिया था , प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति खानवलकर द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री के आरोपों को खारिज कर दिया गया था , अब कांग्रेस सत्ता में है क्या व्यापम के आरोपियों पर कारवाही होगी और वह परिवार जिन्होंने अपनों को खोया है उन परिवार वालों को न्याय मिलेगा , प्रदेश के लाखों नौजवान जो व्यापम के चपेट में आए थे , उनके लिए सरकारी नौकरी के दरवाजे खुलेंगे ऐसे बहुत सारे प्रशन जो मध्य प्रदेश की जनता टकटकी लगाए नई सरकार की ओर देख रही है ,
या नई सरकार पूर्व मुख्यमंत्री और अन्य पूर्व मंत्रियों से दोस्ती निभाएंगी और जांच के नाम पर 5 वर्ष यूं ही निकाल देगी ?
मोहम्मद जावेद खान भोपाल मेट्रो न्यूज़ @9009626191
