
भोपाल। भारत के लोकप्रिय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोरोना वायरस के विरुध्द जारी अभियान के बीच ताली , थाली ओर शंखनाद की अभूतपूर्व सफलता के बाद आने वाली 5 अप्रैल यानि कल रविवार की रात 9:00 बजे 9 मिनट के लिए भारत वासियों को स्वेच्छा से अपने घरों की लाइटें बंद करने का जो आहवान किया था उसकी घोषणा के बाद से लगातार उसमें तकनीकी खामियां होने के कारण वह विवादित हो गया है । आज उसी विवाद के मद्देनजर मध्य प्रदेश सरकार नगरीय प्रशासन संचालनालय प्रशासन एवं विकास के संयुक्त संचालक द्वारा एक सर्कुलर जारी कर प्रदेश के समस्त आयुक्त नगर पालिका निगम , समस्त मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका परिषद एवं नगर परिषद को निर्देशित किया गया है कि प्रधानमंत्री के आह्वान के अनुसरण में तमाम प्रदेश वासी स्वेच्छिक रूप से अपने घरों की लाइट बंद कर मोमबत्ती, टार्च एवं मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाएंगे। परंतु प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों में कहीं पर भी स्ट्रीट लाइटों को बंद नहीं किया जाएगा।
मध्य प्रदेश सरकार का यह सर्कुलर स्वयं इस बात का संदेह उत्पन्न कर रहा है कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर लाईट का जो ब्लैक आउट किया जाएगा उसका लाभ असामाजिक तत्व उठा सकते हैं । उस अवधि का लाभ उठाकर वह अपराध कारित कर सकते हैं।
एक और देशवासी कोरोना वायरस जैसी महामारी का सामना करने के साथ-साथ अपने घरों में लॉक आउट है , ऐसी स्थिति में यदि 9 मिनट की अवधि में आपराधिक तत्व यदि अपराध कारित करते हैं तोआमजन को भारी क्षति का सामना करना पड़ सकता है। इसी बात को मद्देनजर रखते हुए आज नगरीय प्रशासन विभाग में द्वारा यह सर्कुलर जारी कर संपूर्ण नगरीय क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट को आवश्यक रूप से चालू रखने के निर्देश पारित किए हैं, ताकि उस अवधि में अंधेरे का लाभ उठाकर अपराधिक तत्व कोई अनहोनी ना कर दें ।
@भोपाल से सैयद ख़ालिद कैंस की रिपोर्ट
