भोपाल । @khalidqais786
कॉंग्रेस द्वारा नरेन्द्र मोदी के अपने आपको देश का चौकीदार घोषित किये जाने के बाद उनकी नाकामी का मज़ाक उड़ाते हुऐ “चौकीदार ही चोर है ” के नारे के कारण हर कौ सोशल मीडिया पर मोदी को निशाना साध रहा था । जिसका तोड़ निकालते हुऐ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र “मैं भी चौकीदार “का स्लोगन क्या निकाला उनके सारे मंत्री और नेता अपने नाम के आगे चौकीदार लिखने लगे । नतीजा यह हुआ कि सारे भाजपाई “चौकीदार “होगये । नरेन्द्र मोदी और उनके समर्थकों के चौकीदार बनने पर राजधानी के वरिष्ठ पत्रकार एवं आलोचक ओमप्रकाश चौकसे ने मोर्चा संभाला और घोषणा कर दी एक संगठन की , नाम रखा मध्यप्रदेश चौकीदार एसोशियसन संघ।
आईये उनके विचार जाने उनकी ही स्टाइल में ।
चौकीदारों ने अपनी निधि ही नहीं खर्च की और चौकीदार होने के लिए लाइन में खड़े हो गए
चौकीदार नरेंद्र मोदी अपने नाम के आगे चौकीदार “शब्द” लगाकर भले ही “मेहनत कश कामगारों” के प्रति अपनी उदारता दिखाने के लिए “दुष्चक्र” रचे हो लेकिन जनता भी जान गई है कि चौकीदार के भेष में सब नकली नेता है।
“मध्यप्रदेश चौकीदार एसोसिएशन संघ” के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश चौकसे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग कि है कि भाजपा के सभी सांसद चौकीदार और विधायक चौकीदार और महापौर चौकीदार अपनी निधि का कितना पैसा अब तक खर्च किये है हिसाब किताब देश की जनता के सामने दे।”
चौकीदार संघ के नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश चौकसे ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि प्रदेश के भाजपा के “26 चौकीदारों” में अधिकांश चौकीदारों ने अपनी पूरी निधि राशि भी विकास कार्य मे खर्च नहीं किया है।
चौकसे ने बताया कि यदि भोपाल के चौकीदार “आलोक संजर” की बात की जाए तो संजर ने अपनी निधि से मात्र 15 करोड़ रुपये विकास कार्य के लिए खर्च किया है। जबकि सांसद की निधि राशि 25 करोड़ रुपये होती है।
मध्यप्रदेश चौकीदार एसोसिएशन संघ के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश चौकसे ने बताया कि प्रदेश में करीब “65 हजार”ऐसे “मेहनतकश चौकीदार” है जो कलेक्ट्रोरेट रेट दर से नीचे मासिक वेतन पर काम करते है।
चौकसे ने कहा कि “भोपाल में भाजपा के तथाकथित दर्जन भर चौकीदार है लेकिन यह तथाकथित चौकीदार कभी असली चौकीदारों की समस्याओं को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन भी देना उचित नहीं समझे।”उन्होंने कहा कि भाजपा के तथाकथित चौकीदार अपने घर की सुरक्षा के लिए दो दो शिफ्ट मे चौकीदार लगाये है लेकिन कभी भी असली चौकीदारों की पीड़ा सुनने की इन लोगों ने जहमत नहीं उठाई है।
प्रदेश में सभी चौकीदारों को कलेक्टोरेट दर से जब तक वेतन नहीं मिलेगा तब चौकीदार संघ अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
