समूह सम्पादक सैयद खालिद कैस की कलम से
भोपाल । विधानसभा चुनाव 2018 के मप्र मे नामांकन जमा करने का कल आखिरी दिन है आज भाजपा और कॉंग्रेस द्वारा ज़ारी अंतिम सूची घोषित होने के बाद भाजपा और कॉंग्रेस के नामों मे कई नाम चौकाने वाले सामने आए । जिनकी दोनो ही दलों के कार्यकर्ताओ को कोई संभावना नही थी । परन्तु आज घोषित नामों के सामने आने के बाद कई समीकरण बदलते नजर आ रहे है ।
संगठन पर भारी पडा गौर परिवार
अपनी पुश्तैनी सीट मान चुके पूर्व मुख्यमन्त्री बाबूलाल गौर की हठधर्मिता के आगे अंततः भाजपा को घुटने टेकने पड़े । अंदर खाने की जानकारी के मुताबिक संगठन द्वारा गौर साहब को सीरे से नकारने के बाद उनकी नजदीकियां कॉंग्रेस के साथ बढ़ने के और ससुर -बहू के कॉंग्रेस मे जाने से रोकने के लिए संगठन को बाबूलाल गौर की परम्परागत सीट गोविंदपुरा से उनकी जगह उनकी राजनैतिक वारिस कृष्णा गौर को टिकट देकर कई दावेदारों के सपने उजाड़ दिए । भाजपा इस समय गौर साहब से पंगा लेकर कन्ट्रोबरसी के मूड मे नही थी , डिमेज कंट्रोल के लिए कृष्णा गौर को टिकट दिया गया है ।
सरताज सिंह की नाराज़गी भाजपा पर पड़ेगी भारी , कॉंग्रेस ने चली चाल होशंगाबाद से बनाया प्रत्याशी
पिछले कई माह से भाजपा द्वारा लूप लाइन करने से नाराज़ सरताज सिंह भाजपा के संस्थापक सदस्य सहित वरिष्ठ सांसद रहे , पूर्व मन्त्री रहे हैं । भाजपा के उदासीन व्यवहार के बावजूद सरताज सिंह ने आज अंततः कॉंग्रेस का दामन थाम लिया , और कॉंग्रेस ने उनको होशंगाबाद से कॉंग्रेस प्रत्याशी बनाकर भाजपा के लिए सिर दर्द क़ायम कर दिया ।
राघव जी के साथ भी भाजपा का कुठाराघात
पिछले कई वर्षो से पूर्व वित्त मन्त्री राघव जी भाजपा की उदासीनता के शिकार बने हैं , उनकी पुत्री के साथ भी भाजपा द्वारा सौतेले व्यवहार देखा जा रहा है । उनकी पुत्री को टिकट से वंचित किया गया जो भाजपा के लिए भारी पड़ेगा ।
शिवराज के साले और तेंदूखेड़ा विधायक ने थामा कॉंग्रेस का दामन
चुनाव से ऐन वक्त पहले शिवराज सिंह के साले के भाजपा से मोहभंग के बाद कॉंग्रेस का दामन थामना और कॉंग्रेस द्वारा टिकट देने के साथ तेंदूखेड़ा के भाजपा विधायक संजय शर्मा का भाजपा छोड़ कर कॉंग्रेस का दामन थामने और कॉंग्रेस द्वारा तेंदूखेड़ा से टिकट देना भाजपा के लिए दुखदाई होगा ।
उत्तर विधानसभा से भाजपा ने उतारा पैराशूट प्रत्याशी फातिमा रसूल सिद्दीक़ी -भाजपा कार्यकर्ता नाराज़
कॉंग्रेस पार्टी के भोपाल उत्तर विधानसभा प्रत्याशी आरिफ़ अकील के गढ़ को भेदने मे नाकाम भाजपा ने आज अंततः अपना प्रत्याशी उतार दिया , जिसे पैराशूट उम्मीदवार बनाया वह कॉंग्रेस के दिवंगत पूर्व मन्त्री रसूल अहमद सिद्दीक़ी की पुत्री फातिमा रसूल सिद्दीक़ी है , जिसके नाम की घोषणा के बाद कई दबंग दावेदारों को मायूसी मिली वही कार्यकर्ताओ के मध्य इस थोपे गए उम्मीदवार के लिए कोई उत्साह नज़र नही आ रहा है । भाजपा का एक बड़ा धड़ा विरोध मे खड़ा है । कईयों का तो यह तक कहना है की भाजपा ने बली की बकरी उतार कर हताशा के साथ आरिफ़ अकील को वाक ओवर दे दिया ।
भोपाल मध्य से मम्मा को उनके नाराज़ कार्यकर्ताओ के कारण नुकसान उठाना पड़ सकता है
भाजपा ने भोपाल मध्य से भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र नाथ मम्मा को अपना प्रत्याशी बनाया है वही काफ़ी जद्दोजहद के बाद आरिफ़ मसूद यही से दुबारा टिकट लाने मे सफल हुए है । उम्मीद है वह पिछले चुनाव मे की गई गलतियों को नही दोहराएगे । यदि कोई मसला नही हुआ तो अबकी मार मम्मा के लिए यह सीट निकालना आसान नही होगा , कॉंग्रेस और भाजपा के कुछ कुकुरमुत्ते जरूर ग़दर करेंगे । पर परिवर्तन की कोई आशंका नही दिखती ।
चलते चलते – बैरसिया मे कॉंग्रेस ने उतारी कमज़ोर प्रत्याशी ,बुधनी मे अरुण यादव रोकेंगे शिवराज की राह
भाजपा के विधायक विष्णु खत्री के सामने कॉंग्रेस ने बैरसिया से कॉंग्रेस की प्रत्याशी के रूप मे ग्रामीण महिला कॉंग्रेस अध्यक्ष जयश्री हरिकरण पर दाव खेला है जो कमज़ोर उम्मीदवार है । वही शिवराज सिंह चौहान से कॉंग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव का मुकाबला रोचक होने से इनकार नही किया जा सकता है । गोविंदपुरा मे कृष्णा गौर के सामने कॉंग्रेस पार्षद गिरीश शर्मा को उतारना कॉंग्रेस द्वारा कृष्णा गौर को वॉक ओवर से कम नही ।
आजके लिए इतना ही , फिर लिखेंगे , लिखते रहेंगे
