हैदराबाद की डॉक्टर रेड्डी कांड के बाद पुनः उन्नाव और देश के विभिन्न हिस्सो में महिलाओ/बालिकाओं के साथ दुराचार और निर्मम हत्याओं के मामलों ने सारे देश को झकझोर दिया है । हैदराबाद पुलिस ने जिस तरह आरोपियों का खात्मा किया वह भी देश में चर्चा का विषय बना और अब 16दिसंबर को निर्भया कांड के आरोपियों को फांसी और उन्नाव कांड के आरोपी भाजपा विधायक के मामले में आने वाले फैसले पर सबकी निगाहें गढ़ी हैं । जब निर्भया कांड का जिक्र आया हैं तो एक और बात उस कांड से जुड़ी है जिसे तात्कालिक यूपीए सरकार ने मूर्त रूप दिया और वर्तमान सरकार की कार्यप्रणाली ने उसको ध्वस्त कर दिया ।
गौरतलब हो कि देश को हिलाकर रख देने वाले निर्भया कांड के बाद महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिये एक कोष की जरूरत महसूस की गयी थी। जिस पर संज्ञान लेते हुए तत्कालीन यूपीए सरकार ने वर्ष 2013 के बजट में निर्भया फंड की घोषणा की थी। तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने शुरूआती दौर पर करीब 1000 करोड़ रुपयों का आवंटन भी किया। तथा इस
फंड को गृह मंत्रालय को नोडल एजेंसी बनाकर खर्च का जिम्मा दिया गया । सरकार द्वारा निर्भया फंड के लिए सन 2014 – 15 और 2016 – 17 मे एक- एक हजार करोड़ रुपए और आवंटित किए गये, पैसा आवंटन होने के बावजूद गृह मंत्रालय व्दारा बरती गई अनियमितता के कारण यह खर्च नहीं हो पाया। गृह मंत्रालय व्दारा इस फंड के लिए आवंटित धन का मात्र एक फिसदी खर्च होने की वजह से साल 2015 में सरकार ने गृह मंत्रालय की जगह महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को निर्भया फंड के लिए नोडल एजेंसी बना दिया। इस फंड के तहत पूरे देश मे दुष्कर्म संबंधी शिकायतो और मुआवजे के निस्तारण के लिये 660 एकीकृत वन स्टाॅप सेंटर बनने थे, जिससे पीड़िताओ को कानूनी और आर्थिक मदद भी मिल सके और उनकी पहचान भी छिपी रहे।
दरअसल निर्भया फंड में पीड़िताओ के मुआवजे के लिये निर्धारित धन राशि के वितरण और प्रबंधन को लेकर एकीकृत प्रणाली का अभाव है।
बता दे की जुलाई 2019 तक तीन ऐसे राज्य और केंद्रशासित प्रदेश ( मणिपुर, महाराष्ट्र और लक्षव्दिप) भी है जिन्होने इस राशी के एक भी पैसे का प्रयोग इन योजनाओं के लिए नही किया।
कराटे प्रशिक्षक और अर्थतंज्ञ कु पूजा डकरे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा, महिलाओ को लेकर रखी मांगे।
इस योजना को गंभीरता से देखते हुए मुंबई की रहनेवाली कराटे प्रशिक्षक और अर्थतंज्ञ कु पूजा डकरे ने 9 दिसम्बर 2019 के दिन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे को ज्ञापन देकर कहा है कि , संपूर्ण देश में लडकीयो को कराटे तथा शस्त्रो का प्रशिक्षण मुफ्त प्रदान किया जाए तथा इसकी पहल महाराष्ट्र से की जाए ।
कु .पूजा डकरे ने अपने ज्ञापन में कहा है कि देश में निरंतर बलात्कार की घटनाओ मे बढोतरी हो रही है। इतना ही नहीं अब तो महिला व लडकी यो को जिंदा जलाया तक जा रहा है, यह काफी निंदनीय है , इन मामलो पर अब इलाज हेतू योजना बनाना आवश्यक है । महिलाओ पर हो रहे अत्याचारों को अगर रोकना हो तो महिलाओं को सक्षम बनाना अति आवश्यक है। कु. पूजा डकरे ने कहा की, देश मे दुष्कर्म की घटनाऐ बढने के बावजूद भी सम्पूर्ण देश सहित महाराष्ट्र में भी महिला सुरक्षित नही। इतना कुछ हो जाने के बावजूद भी निर्भया फंड का उपयोग किया नही गया । यह काफी निंदनीय है, निर्भया फंड का संपूर्ण उपयोग महिलाओं को सक्षम बनाने हेतू किया जाए , स्कूल तथा महाविद्यालय मे लडकीयो के लिए शस्त्रो का तथा कराटे का प्रशिक्षण शुरू किया जाए। तथा इस महाराष्ट्र मे ग्रामीण से शहरी क्षेत्र तक लागू कर निर्भया फंड का इस्तेमाल इसमे किया जाए ।
कु .पूजा डकरे के ज्ञापन ने यह बात उजागर कर दी कि निर्भया फंड का महिला बाल विकास मंत्रालय बतौर नोडल एजेंसी सही उपयोग नही कर रहा । वर्तमान हालात के मद्देनज़र जब दुराचार और हत्याओं के मामलों में अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी हो रही है ऐसे में बालिकाओं और महिलाओ को आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षण और संसाधनों की पूर्ति के लिए निर्भया फंड का सद उपयोग सुनिश्चित हो और संपूर्ण देश में हर जिले , कस्बे , मोहल्ले में कराते व अन्य विधाओं के प्रशिक्षण के लिए सेंटर खोले जाएं ।
