सैयद ख़ालिद कैस की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट
भोपाल ।सतपुडा की रानी पचमढ़ी में वर्षो से हो रहे अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण किसी से छिपे नही हैं , सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण पर रोक नही लगना जिला प्रशासन के अनियमित एवं भृष्ट आचरण को उजागर करता है । ऎसा ही एक मामला रविवार को उजागर हुआ ।
ज्ञात हो कि पत्रिका समाचार पत्र ने रविवार के अंक में एक समाचार प्रकाशित किया था कि रविवार को पचमढ़ी में अतिक्रमण विरोधी अभियान जिला प्रशासन चलायेगा । परंतु पचमढ़ी में अवैध निर्माण का सर्वे शुरू होने और करवाई होने के पूर्व राजनीतिक रूसूख के कारण काम रुका ।
एसडीएम की कार्यप्रणाली संदिग्ध ?
गौरतलब हो कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार पचमढ़ी में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ़ रविवार को प्रशासन द्वारा कारवाई प्रस्तावित थी , सर्वे उपरान्त अवैध अतिक्रमण को तोड़ा जाना था । एसडीएम पिपरिया द्वारा लाव लशकर के साथ रविवार को बुलडोजर लेकर पचमढ़ी की और कूच भी किया गया , परन्तु कोई सर्वे या अतिक्रमण के खिलाफ कारवाई करने के बजाये अमला खाली लौट आया ।
सूत्रों के मुताबिक़ राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण यह कारवाई रुकी है , वहीं आरटीआई एवं मानव अधिकार कार्यकर्ता द्वारा इस कारवाई रुकने के पीछे है भारी भ्रष्टाचार है जिसके कारण एसडीएम राधेश्याम बघेल ने कारवाई रोकी , पूछे जाने पर उनके द्वारा यह कहा गया कि ” कारवाई आपके कहने पर करने के लियें मैं विवश नही हूँ ”
एस. डी. एम. पिपरिया आरएस बघेल को उनके मोबाईल नम्बर .8959670550 पर बात करनी चाहिये जो हो न सकी ।
बहरहाल मिली जानकारी अनुसार पचमढ़ी मे यह चर्च है कि अवैध निर्माण या अतिक्रमण के नाम पर चिन्हित की गई उक्त होटलो की कार्यवाही होना था मशीनें आ गई थी फिर कार्यवाही किन कारणो से रोक दी गई ? बुलडोजर का किराया तो लगा होगा? अधिकारी तो यह भी बोल रहा है कि न्यूज हमसे पूछ कर नही प्रकाशित हुआ और मामला दबाया जा रहा. है। तो क्या पत्रिका पेपर का समाचार गलत है ? जो भी हो जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली सन्देह की परिधि में है ।
