सीहोर से सतीश सेन की रिपोर्ट
आष्टा(निप्र) सर्वोच्च न्यायालय द्वारा राफेल खरीदी मामले में दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर आए फैसले पर केंद्र सरकार और भाजपा नेताओं द्वारा फैलाए जा रहे झूठ और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी से माफी की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस सदस्य हरपाल ठाकुर ने कहा कि संवैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत व पूर्व मे हो चुकी प्रक्रियाओं के आधार पर देश की रक्षा से जुड़े संसाधनों की खरीदी में किसी भी तरह की अनियमितता या भ्रष्टाचार के आरोप लगने पर संसद द्वारा उक्त मामले की जेपीसी (ज्वाइंट पार्लिया मेंट्री कमेटी) जांच की जाती रही हैं। लेकिन केंद्र की मोदी सरकार द्वारा राफेल खरीदी मामले में जेपीसी गठन कर संसदीय समिति की जांच न कराकर अपनी बी टीम पूर्व केन्द्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा,अरूण शोरी व प्रशांत भूषण से पूर्ण तथ्यों को शामिल किए बिना पुनर्विचार याचिका दायर करा दी ताकि सर्वोच्च न्यायालय के सामने राफेल खरीदी में हुए भ्रष्टाचार के वास्तविक तथ्यों न रखें जाएं और मोदी सरकार के भ्रष्टाचार पर परदा पड़ा रहे। अखिल भारतीय कांग्रेस सदस्य हरपाल ठाकुर ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा राफेल खरीदी मामले में दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर अपने फैसले मे कहा कि मूल्य निर्धारण,अनुबंध का विवरण, तकनीकी विशेषताएँ और शक्यता देखना सुप्रीम कोर्ट का कार्य नहीं है। स्वतंत्र जांच एजेंसीयां व सीबीआई जांच के लिए पूर्णरूप से स्वतंत्र है। पुनर्विचार याचिकाओं पर सर्वोच्च न्यायालय का यह निर्णय किसी भी प्रकार की जांच व कार्यवाही में बंधनकारी नहीं है। कांग्रेस नेता हरपाल ठाकुर ने मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि राफेल खरीदी मामले में किसी तरह का भ्रष्टाचार नहीं हुआ है तो राहुल गाँधी द्वारा उठाए गए इन प्रश्नों का सीधा जवाब देने से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मंत्रीगण क्यों छुप रहे हैं राफेल मामले से जुड़े इन तथ्यों जैसे
1.केंद्र की मोदी सरकार ने 30000 (तीस हजार) करोड़ के ऑफसेट ठेके में एच ए एल (हिन्दुस्तान एयरोनोटिक्स लिमिटेड) को दरकिनार क्यों किया?
2.राफेल विमान खरीदी का ठेका 12 दिन पुरानी अनुभवहीन कम्पनी को क्यों दिया?
3.526 करोड़ का राफेल जहाज 1670 करोड़ में खरीदकर राजस्व को 41,205 करोड़ का नुकसान क्यों पहुंचाया गया?
4.खरीदे जाने वाले राफेल जहाजों की संख्या 126 से घटाकर सिर्फ 36 करके राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता क्यों किया गया?
5.रक्षा खरीद प्रक्रिया और कैबिनेट सुरक्षा समिति को दरकिनार करके प्रधानमंत्री द्वारा 10 अप्रैल 2015 को एकतरफा 36 जहाज खरीद की घोषणा क्यों की गई?
6.भाजपा सरकार ने देश को राफेल बनाने की “ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉज”‘ से वंचित क्यों किया?
7.राफेल आपातकालीन खरीद के तहत खरीदे, तो फिर राफेल विमानों की सुपुर्दगी में 8 साल का समय क्यों?
8.सी सी एस (कैबिनेट कमेटी सिक्योरिटी) में बैठकर मोदीजी ने राफेल की बेंचमार्क कीमत 5.2 बिलियन से 8.2 बिलियन क्यों की?
9.कानून मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय की डिफेंस विंग के एतराज के बावजूद सम्प्रभुता की गारंटी को मोदी जी ने दरकिनार क्यों किया?
कांग्रेस नेता हरपाल ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेताओं से प्रश्न किया है कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी व मनमोहन सिंह की सरकार मे भ्रष्टाचार के आरोप लगने पर भाजपा द्वारा जेपीसी जांच को अपना प्रमुख हथियार बनाकर उपयोग करने वाले आज मोदी सरकार के दौरान हुए राफेल विमान खरीदी में हुए भ्रष्टाचार की जांच कराने से क्यों बच रहे हैं यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राफेल विमान खरीदी धोटाले के भ्रष्टाचार मे शामिल नहीं हैं तो सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के अनुरूप जेपीसी या सीबीआई सहित किसी भी स्वतंत्र जांच एजेंसी से जांच करा लें सच्चाई देश की जनता के सामने आ जाएगी ।
