राजस्थान में मारवाड़ के पूर्व राजघराने की राजमाता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कृष्णा कुमाारी का सोमवार देर रात निधन हो गया है. जोधपुर के पूर्व नरेश गजसिंह की माता कृष्णा कुमारी को दिल का हार्ट अटैक आया था जिसके बाद रविवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान अस्पताल में सोमवार रात 1: 50 बजे उनका निधन हो गया. पूर्व राजमाता की पार्थिव देह को मंगलवार दोपहर 1.30 बजे उम्मेद भवन पैलेस परिसर में जनता के दर्शनार्थ रखा जाएगा. अंतिम संस्कार शाम पांच जसवंत थड़ा में किया जाएगा.
कृष्णा कुमारी मूलत: गुजरात के सौराष्ट्र में ध्रांगध्रा राजघराने की राजकुमारी थीं. मारवाड़ के पूर्व महाराजा हनवंतसिंह से 1943 में विवाह के बाद वे जोधपुर आई थीं. उनके 3 संतानें चंद्रेश कुमारी, शैलेश कुमारी एवं गज सिंह हैं. पूर्व राजमाता जोधपुर से लोकसभा का चुनाव भी लड़ चुकी हैं. वे रिकॉर्ड वोटों से जीती थीं.
कृष्णा कुमारी का जन्म 10 फरवरी 1926 को ध्रांगध्रा (सौराष्ट्र) गुजरात में हुआ था. उनका विवाह 14 फरवरी 1943 को जोधपुर के तत्कालीन महाराजा हनवंत सिंह के साथ हुआ. उनके पुत्र पूर्व सांसद गज सिंह एवं दो पुत्रियां हैं. उनकी पुत्री चंद्रेश कुमारी भी जोधपुर की सांसद एवं केन्द्रीय मंत्री रह चुकी हैं.
आम जनता में पूर्व राजमाता कृष्णा कुमारी बेहद लोकप्रिय रही हैं. जोधपुर राजपरिवार का वह पीपुल्स फ्रैंडली चेहरा रही हैं. जिसे उनके पूरे परिवार ने अपनाया हैं. कृष्णा कुमारी ने 1971 का लोकसभा चुनाव निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लड़ा था. वे 21 हजार से अधिक वोटों से विजयी रहीं. उन्होंने संसद में जोधपुर समेत पूरे प्रदेश की जनता की आवाज को पुरजोर तरीके से उठाया.
अपने राजनीतिक सेवाकाल में उन्होंने जोधपुर जिले के विकास में काफी योगदान दिया था. बालिका शिक्षा के लिए भी उन्होंने भरसक प्रयास किए. उन्होंने जोधपुर में राजमाता कृष्णा कुमारी गर्ल्स पब्लिक स्कूल की स्थापना की थी. 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान शेरगढ़ के सर्वाधिक फौजी शहीद होने पर उन्होंने क्षेत्र का दौरा कर शहीदों के परिजनों को ढाढ़स बंधाया था. इसके साथ ही 1973—74 में खाद्यान्न संकट के समय उन्होंने जोधपुर की जनता की सहायता के लिए भरपूर प्रयास किए थे. इसके साथ ही जोधपुर में हवाई और रेल सेवाओं के विस्तार के लिए भी उन्होंने प्रयास किए थे. जोधपुर में उनके निधन की खबर से शोक की लहर हैं.
