राठौड़ समाज मे चल पडी पगड़ी रस्म में रक्त दान की परम्परा…!
जोबट (आकाश उपाध्याय) – रक्त दान महा दान इससे बचती है सबकी जान के स्लोगन को सार्थक करते हुए नगर के मध्य श्री कृष्ण चौपाटी के पास स्वर्गीय शोभा राम जी टवली की मृत्यु उपरांत परिवार ने स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया इस शिविर में बड़ी संख्या में रक्तदाताओं ने भाग लिया,रक्त दान हेतु लोग इतने उत्सुक थे की स्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई मगर बड़ी संख्या में लोगों को अलग-अलग कारणों के चलते रक्तदान से रोका गया, इसके बावजूद शिविर में कुल 31 यूनिट रक्तदान हुआ! जिसमे मातृशक्ति ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया l मातृशाक्ति ने कुल 6 यूनिट रक्तदान किया !
सोमवार को जोबट में राठौड युवा संगठन और ब्लड डोनेशन ग्रुप जोबट के सहयोग से के स्व.शोभराम टवली (नेत्रदानी) की पगड़ी रस्म कार्यक्रम में परिवार द्वारा रक्तमय श्रद्धांजलि स्वरूप आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का शुभारंभ अजय भावसार ने अपने भाई की स्मृति में किया। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। खून की कमी के कारण हर साल सैकड़ों लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है। स्वैच्छिक रक्तदाताओं के सहयोग से ही जरूरतमंदों को समय पर खून उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से इस कार्य के लिए विशेष रूप से आगे आने का आह्वान किया। पीड़ित मानवता के लिए परिवार का यह फैसला सराहनीय और वंदनीय है l पगड़ी रस्म का सफल संचालन एव श्रद्धांजलि जगदीश राठौड ने किया l उन्होंने अपने व्यक्तव्य में नेत्रदान और रक्तदान प्रति फैली हुई भाँतियो को भी दूर किया गया l
राठौड युवा संगठन के सक्रिय कार्यकर्ता कपिल ने बताया कि हमारे ग्रुप के सदस्य इस शिविर की तैयारी में कई दिनों से लगे हुये थे l इस शिविर में युवाओं ने बढ़चढ़ कर रक्तदान में हिस्सा लिया l साथ ही जिन मातृशक्तियों ने अपना अमूल्य रक्त दिया है उन्हें नमन करता हूं l
अलीराजपुर राठौड समाज अध्यक्ष किशनलाल राठौड ने बताया कि 18 से 60 वर्ष आयु का प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकता है। हर तीन माह में रक्तदान करने से किसी भी तरह का नुकसान नहीं होता है। उन्होंने कहा कि शरीर से निकाले गए रक्त की पूर्ति शरीर में 24 से 72 घंटों में हो जाती है। बड़ी संख्या में परिवार, समाजजन, भावसार समाज के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने रक्तदान के लिए पंजीकरण कराया। जिनमें से बड़ी संख्या में कई रक्तदाताओं को हीमोग्लोबिन, खून व वजन की कमी समेत अन्य कारणों के चलते रक्तदान से रोका गया। विशेषकर रक्तदाताओं में खून की कमी के मामले सामने आए। फिर भी कुल 31 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया l
परिवार की मानव सेवा भावनाओं को नमन करते हुए पत्रकार संघ ने परिवार के इस निर्णय से किसी अनजान व्यक्ति की जिंदगी बचाने में ये रक्त बडा ही उपयोगी साबित होगा, परिवार का नेत्रदान एवं रक्तदान का निर्णय समाज एवं शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है जो आने वाले समय मे लोगो के लिए प्रेरणादायक सिद्ध होगा,
ध्यान रहे पगड़ी रस्म में जिले का यह समाज का पांचवा एव जोबट का दूसरा रक्तदान शिविर था जो सफल रहा है ।
इस कार्यक्रम में रक्तदुत अश्वीन नागर कहा की ऐसे कार्यक्रमों से रक्त दान के प्रती नव चेतना का संचार तो होता ही है कई लोगों के प्राणो की रक्षा भी होती हैं इस रक्तदान शिविर का आयोजन कर परिवार ने मानवीय संवेदना का परिचय दिया है! शिविर में बड़ी संख्या में युवाओं ने पहली बार रक्तदान किया कुछ युवाओं ने कहा कि रक्तदान का महत्व समझने के बाद हम हर बार इसमें भाग लेंगे, बड़ी संख्या में युवाओ ने इस महत्वपूर्ण और यादगार लम्हे को तस्वीरों में कैद किया..!
