अजमेर -प्रशासनिक सेवा में ऐसे कई अधिकारी होते हैं, जिन पर राज बदलने का कोई असर नहीं। इसका ताजा उदाहरण 24 फरवरी को रिटायर आईएएस बी.एल. जाटावत को राजस्थान मंत्रालयिक अधिनस्थ कर्मचारी सेवा चयन बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया जाना है। भाजपा की सरकार में जाटावत की इतने महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि कांग्रेस के शासन में जब अशोक गहलोत दो बार मुख्यमंंत्री बने तो दोनो ही बार जाटावत सीएमओ में तैनात रहे। राज्य प्रशासनिक सेवा से आईएएस में पदोन्नत हुए तो गहलोत ने कलेक्टर पद का स्वाद भी जाटावत को चखवा दिया। यह बात अलग है कि गहलोत के शासन में पदोन्नत अनेक आईएएस कलेक्टर बने बिना ही रिटायर्ड हो गए। जानकारों की माने तो मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के सचिव तन्मय कुमार की सिफारिश पर जाटावत को चयन बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया है। असल में अजमेर और अलवर के लोकसभा के उपचुनाव के दौरान तन्मय कुमार ने ही जाटावत को सीएम राजे से मिलवाया था। तब राजे ने उपचुनाव में पिछड़े वर्ग के मतदाताओं के वोट भाजपा को दिलवाने के लिए कहा। हालांकि जाटावत के प्रयासों के बाद भी उपचुनाव में भाजपा सभी 17 विधानसभा क्षेत्रों में हार गई, लेकिन इसे तन्मय कुमार का करिश्मा ही कहा जाएगा कि जाटावत को चयन बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त करवा दिया। जानकारों की माने तो तन्मय कुमार ने सीएम राजे के सामने जाटावत की एक उपलब्धि यह भी बताई कि जाटावत कांग्रेस के पूर्व सांसद महेश जोशी के पड़ौसी है। जयपुर में सेन नगर में दोनों के बंगले पास-पास है। यह बात इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गई कि हाल ही में महेश जोशी के एक पारिवारिक समारोह में सीएम राजे कोई डेढ़ घंटे तक मौजूद रही। हालांकि अभी यह कहना कठिन है कि जाटावत अपने पड़ौसी महेश जोशी को कांग्रेस से छुड़वा कर भाजपा में शामिल करवा देंगे।
आरपीएससी में भी नहीं है एससी का सदस्य :
जाटावत की नियुक्ति इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि इस समय राजस्थान लोक सेवा आयोग में कोई एससी का सदस्य नहीं है। हालांकि पहले जाटावत को आरपीएससी का सदस्य बनाने की चर्चा हुई थी, लेकिन एन मौके पर जाटावत को चयन बोर्ड का अध्यक्ष बना दिया गया। माना जा रहा है कि जल्द ही आरपीएससी में भी सदस्यों के रिक्त पदों पर नियुक्ति होगी।
पदभार संभाला :
जाटावत ने 24 फरवरी को ही जयपुर में बोर्ड दफ्तर में अध्यक्ष का पदभार संभाल लिया है। जाटावत इस पद पर 4 वर्ष 8 माह तक कार्य करेंगे। बोर्ड के अध्यक्ष की सेवानिवृत्ति की उम्र 65 वर्ष है।
