राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस की एक अनुषांगिक शाखा विश्व हिंदू परिषद को 14 अप्रैल को उसका नया इंटरनेशनल अध्यक्ष मिल गया है. आइए जानते हैं कौन है हिंदू संगठन वीएचपी का नया अध्यक्ष.
आरएसएस द्वारा कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया और अध्यक्ष राघव रेड्डी को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में राघव रेड्डी को हार का सामने करना पड़ा है. आइए जानते हैं किसने राघव रेड्डी को हराया और वीएचपी की कमान संभाली है.
गुरुग्राम में हुई इस बैठक में रिटायर्ड जस्टिस वीएस कोकजे विश्व हिंदू परिषद के नए अध्यक्ष बनाया गया है. रिटायर्ड जस्टिस वीएस कोकजे आरएसएस की पसंद हैं. उनके नाम पर मुहर पिछली बैठक में ही लग गई होती, लेकिन तोगड़िया और उनके समर्थकों ने हंगामा करके चुनाव को नहीं होने दिया था. इसी के चलते नए अध्यक्ष का चुनाव नहीं हो सका था. कोकजे उपाध्यक्ष के पद पर थे. अध्यक्ष पद के चुनाव में कोकजे को 192 में से 131 वोट मिले. वहीं तोगड़िया के राघव को 60 वोट मिले.
रिटायर्ड जस्टिस वीएस कोकजे का पूरा नाम विष्णु सदाशिव कोकजे है. वीएस कोकजे जुलाई 1990 से अप्रैल 1994 तक मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जज और अप्रैल 1994 से सितंबर 2001 तक राजस्थान हाई कोर्ट के जज रह चुके हैं.
रिटायर्ड जस्टिस वीएस कोकजे वाजपेयी सरकार में हिमाचल प्रदेश के गवर्नर बनाए गए थे. वे 8 मई 2003 से 19 जुलाई 2008 तक इस पद पर बने रहे.रिटायर्ड जस्टिस वीएस कोकजे भारत विकास परिषद के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. साथ ही वे सुप्रीम कोर्ट में सीनियर वकील भी रह चुके हैं.
रिटायर्ड जस्टिस वीएस कोकजे इंदौर के रहने वाले हैं. उनका जन्म 6 सितंबर 1939 को एमपी के धार जिले में दाही तेहसील कुकसी गांव में हुआ था. इंदौर से एलएलबी की डिग्री लेने के बाद 1964 को उन्होंने वकालत शुरू की थी.
कोकजे इंदौर के होल्कर कॉलेज के छात्र रहे हैं. साथ ही सोशियोलॉजी में इंदौर के क्रिश्चन कॉलेज से मास्टर्स की डिग्री ली है.1992 से 1994 तक यह मध्य प्रदेश कंज्यूमर कंप्लेन रिड्रेस कमिशन के अध्यक्ष रहे हैं. कोकजे का कंपनी लॉ, मजदूर और उद्योग कानून और संविधान से जुड़े मामलों में खासा अनुभव रहा है.अब आरएसएस की पसंदीदा अध्यक्ष के रूप में वे वीएचपी के अध्यक्ष का कार्यभार संभालेंगे. सूत्रों के अनुसार साथ ही दिग्गज उम्मीदवार को खड़ा कर आरएसएस प्रवीण तोगड़िया का प्रभाव वीएचपी से पूरी तरह खत्म करना चाह रही है. सूत्रों के अनुसार अब वीएचपी में प्रवीण तोगड़िया का क्या रोल होगा इस पर निर्णय नए अध्यक्ष वीएस कोकजे लेंगे.
प्रवीण तोगड़िया से छिनी VHP की कमान, 2019 में क्या करेंगे?
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ बयानबाजी का हर्जाना अपने समर्थित उम्मीदवार की हार के रूप में भुगतना पड़ा है. शनिवार को वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव में तोगड़िया गुट के राघव रेड्डी को शिकस्त मिली और विष्णु सदाशिवम् कोकजे वीएचपी के नए अध्यक्ष निर्वाचित हो गए. अब सवाल ये है कि विहिप अध्यक्ष के चुनाव में परास्त होने के बाद प्रवीण तोगड़िया अगला कदम क्या उठाएंगे?
ये सवाल इसलिए है क्योंकि प्रवीण तोगड़िया पिछले कुछ वक्त से मोदी सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं. 52 साल में पहली बार विहिप अध्यक्ष के चुनाव की वजह भी तोगड़िया के बगावती सुर ही बने. चुनाव हार जाने के बाद अब माना जा रहा है कि तोगड़िया अपने विरोध के स्वर और बुलंद कर सकते हैं.
