रायगढ़ । सारंगढ़ में आगामी 29 जनवरी से 2 फरवरी तक रूद्राक्ष महाभिषेक का आयोजन किया गया है। जिसमें सवा लाख रूद्राक्ष को अभिमंत्रित कर क्षेत्र के आमजन में निःशुल्क वितरित किया जायेगा। श्री रूद्राक्ष महाभिषेक धनवंतरी पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर संत श्री सुरेश्वरा नंद सरस्वती (मध्य क्षेत्र) के सानिध्य में सम्पन्न किया जायेगा। इस कार्यक्रम का शुभारंभ 28 जनवरी को नगर में शोभा यात्रा निकाल कर की जायेगी। आयोजन धर्म जागरण समन्यवय छत्तीसगढ़ (श्री रूद्राक्ष महाभिषेक आयोजन समिति सारंगढ)़ के द्वारा कराया जा रहा है। जीवन में रूद्राक्ष की महता और घर में खुशहाली तथा समृद्धि के लिए किया जाने वाला रूद्राक्ष महाभिषेक के आयोजन के लिए कल सारंगढ़ क्लब हाउस परिसर में ध्वज स्थापना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम अखिल भारतीय सह प्रमुख धर्म जागरण समन्यवय राजेन्द्र जी के मुख्य आतिथ्य और भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ के सदस्य व राम मंदिर समिति रायपुर के उपाध्यक्ष सुनील रामदास के अध्यक्षता व सारंगढ़ विधायक केरा बाई मनहर के विशिष्ट आतिथ्य में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सर्व प्रथम वैदिक मंत्रों से ध्वज वंदना की गयी। उसके पश्चात अतिथियों का मंच पर फूल माला से स्वागत किया गया। तत्पश्चात कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि स्थानीय विधायक केरा बाई मनहर ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि क्षेत्र में खुशहाली और समृद्धि के लिए यह पुनीत आयोजन है। उसके पश्चात कार्यक्रम अध्यक्ष भाजपा व्यपारी प्रकोष्ठ के सदस्य व राम मंदिर समिति रायपुर के उपाध्यक्ष सुनील रामदास ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि रूद्राक्ष का हमारे जीवन के लिए बहुत फलदाई होता है। उन्होने एक व्यक्तिगत उदाहरण देते हुए बताया कि आज से कुछ वर्ष पूर्व मेरे उपर आकाशीय बिजली गिरी थी। उस समय मैं रूद्राक्ष का माला पहना हुआ था और वह माला आकाशीय बिजली के ताप के कारण काला हो गया लेकिन मेरा जीवन बच गया या मै ऐसा कहूं तो अतिशयोक्ति नहीं होगा कि मेरा यह दूसरा जीवन मिझे मिला। हम सभी रूद्राक्ष के विषय में कम जानते हैं लेकिन वैदिक काल से हमारे ऋषि मुनियों द्वारा इस की उपयोगिता पर जोर दिया जाता रहा है। आज विज्ञान भी मानता है कि रूद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति को हृदय रोग का खतरा कम हो जाता है। इसलिए यह आयोजन बहुत हीं पुनीत है तथा लोगों के लिए हितकर है। मै आप सभी से अपील करूंगा कि अभिमंत्रित रूद्राक्ष जो कि भगवान शिव का प्रसाद माना जाता है। वह पूरे क्षेत्र के सवा लाख धरों तक पहूंचे इसपर हम सभी को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। साथ हीं मैं यह जोर दे कर कहना चाहूंगा कि ऐसे हीं कार्यक्रम यहां से लेकर जशपुर तक होना चाहिए ताकि रूद्राक्ष के महता को हम अपने दोनों जिले के प्रत्येक व्यक्ति तक पहूंचा सकें। उसके पश्चात कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय सह प्रमुख धर्म जागरण समन्यवय श्री राजेन्द्र जी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वैदिक काल से यह मान्यता है कि रूद्राक्ष व्यक्ति के मन को शांत रखता है जिसको अब वैज्ञानिकों ने भी माना है। उन्होने एक उदाहरण देते हुए देश में आपात काल के दिनों का एक अनुभव बताया, कि हम लोग जब आपात काल में जेल गये थे तो हमारी ओर सभी रूद्राक्ष धारी लोग शांत वातावरण में वैचारिक विमर्ष किया करते थे। लेकिन कुछ ऐसे लोग भी थे जो संख्या में कम होने के बावजूद आपस में विचारों के टकराव के कारण विवाद कर लेते थे। उसका मात्र एक हीं कारण था की हमारी ओर के सभी लोगों ने रूद्राक्ष धारण किया था और वे लोग रूद्राक्ष के शक्ति के विषय में अनभिज्ञ थे तथा अपने उग्र विचारों के कारण विवाद कर लेते थे। इसलिए मैं कहाना चाहूंगा कि इस यज्ञ से लोगों को रूद्राक्ष की महता के विषय में जानकारी होगी और लोग रूद्राक्ष धारण करना शुरू करेंगे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पुश्पेन्द्र जी, संयोजक आयोजन समिति किशोर कुमार तिवारी, जिला प्रचारक नागेश जी, कौशल बेहार, दिनानाथ खुटे, दुर्गा प्रताप ठाकुर जिला संयोजक धर्म जागरण, मनोज लहरे, विरेन्द्र निराला, महेन्द्र अग्रवाल, देवेन्द्र रात्रे, श्याम सुन्दर रात्रे, भारत भुषण जोल्हे, भरत जाटवर, पवन देवागंन सहित नगर के सैकड़ो गणमान्य जन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मंच संचालन चन्द्रशेखर स्वर्णकार ने किया।
श्रद्धालुओं द्वारा किया गया नगर भ्रमण
ध्वज स्थापना के पूर्व श्री रूद्राक्ष महाभिषेक समिति द्वारा नगर में भ्रमण का कार्यक्रम आयोजन किया गया था जिसमें सभी अतिथियों सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुगण द्वारा नगर भ्रमण किया और नगर में लाउडस्पीकर (ध्वनि विस्तारक यंत्र) द्वारा कार्यक्रम के विषय में बताया गया।
