खेमराज चौरसिया(आरटीआई कार्यकर्ता) विशेष प्रतिनिधि @9893998100
भोपाल/छतरपुर -यही है क्या भाजपा का असली नारा ? कुछ कुछ होता है वो भी जब पूरी दाल ही काली है। प्रशासनिक फूफा को शिकायत सौपी तो कुछ करने को तैयार नही। सूचनाधिकार के तहत् मंदिर के ट्रस्टीयो की सूची मांगी गई तो माननीय एसडीएम द्धारा कह दिया गया कि यह जानकारी नही दी जा सकती। क्यो नही दी जा सकती यही बडा सवाल है। तभी तो एसडीएम चैकसे पर आरोप लगते है प्रशासनिक फूफा केवल अपने रायल फैमली के भतीजो की सुनते है। सूचना का अधिकार का उपयोग करने वाले तो उनकी नजर में बेईमान होते है। वाह देश के एकमात्र एसडीएम जो चरित्रवान है बाकि सब तो बेईमान है। तभी कहते है फूफा हो तो ऐसा हो जो पूरा प्रशासनिक अधिकार अपने रिश्तेदारो को लाभ पंहुचाने के लिये ही ताकत झोकता हो? में नही कह रहा, आज जनता चिल्ला रही है। जिसके कई सबूत पेश हो जायेगे कि सूचना अधिकार आवेदन की सुगंध से एसडीएम चैकसे को बदबू आती है। जो उनकी भी कलई खोलते है।
अब मूल बात पर आये कि नंदी सर्राफ ट्रस्ट तमराई मुहल्ला वार्ड क्रमांक 9 की बेशकीमती संपत्ति का। किस तरह भगवान को नही छोडता और उसकी संपत्ति को हजम कर जाता है अगर इसकी उच्चस्तरीय जांच हो जाये तो वो सब बेनकाब हो जायेगे जो भीड देखकर सबसे अधिक जय श्री राम का नारा लगाते है। भाजपा का पूरा कुनबा इस घालमेल मे शामिल है। जो भगवान की बात करता है और भगवान के नाम पर ही उनकी देखरेख का संरक्षण लेते हुये शुद्ध रूप से ठगी कर जाता है। चूंकी सत्ता भाजपा की है तो कोई सुनने वाला नही है। हिन्दू धर्म पर आस्था रखने वाले अगर इस मामले की गंभीरता से मंथन करेगे तो अनिष्ट के सिवाय कुछ नही होगा। मंदिर के ट्रस्ट केी आड मे चैक बाजार के पास मुख्य किराना बाजार के सामने लल्लू तंबाकू वालो को बेशकीमती दुकान बेच दी जाती है जो स्वयं ट्रस्टी थे। शुद्ध रूप से ट्रस्ट की मर्यादाओ को रखेल बना लिया। फिर कछयाना मोहल्ला की साढे पांच एकड जमीन और बगीची भी बेच दी गई। वो भी मंदिर के नाम पर। इस मामले के आरोप है कि सरगना वो है स्वामीप्रसाद अग्रवाल जो माईक पर चिल्लाया करते थे। आज इस ट्रस्ट मे स्वामीप्रसाद अग्रवाल का कुनबा अधिकांश दर्ज है। पढकर हिन्दू धर्म से आस्था रखने वालो का दुख होगा कि मंदिर की जमीन पर प्लाट कर बेच दिये गये। अब जब माने कि हिन्दू जागेगा तो राष्ट्र जागेगा का नारा लगाने वाले कितने सामने आते है।
यहां तो भाजपा के लोग जयश्री राम का नारा लगाते हुये मंदिर की संपत्ति हजम कर गये। धर्म के रक्षार्थ लोग आज भी लडाई लड रहे है। लेकिन शिवराज की सत्ता पर हावी घूसखोर फूफा तंत्र साथ नही दे रहा। जब हिन्दू धर्म के सेवको ने इस ट्रस्ट के वर्तमान में अध्यक्ष और सदस्यो की जन्मकुंडली के लिये सूचनाअधिकार का उपयोग किया तो एसडीएम कार्यालय से यह जानकारी देने को मना कर दिया गया। ट्रस्ट की संपत्ति को दीमक तरह चाटने वाले लोगो से बचाने के लिये एसडीएम चैकसे को ज्ञापन सौंपा था। पर उनकी मदहोशी का क्या कहना वेा तो आमजनमानस मे फर्जी फूफा की उपाधी से सम्मानित हो चुके है। इसलिये उन्होने कुछ नही किया। जबकि गंभीर मामला था।अब शिवराज को क्या कहा जायेगा रामराज या अधर्मराज जहां तो कोई सुनने वाला नही है। हिन्दू धर्म के रक्षार्थ लोग कलेक्टर, एसडीएम सभी को मंदिर की संपत्ति बचाने के लिये आवेदन सौंप चुके है लेकिन कोई सुनने वाला नही है। अगर भाजपा नेताओ मे जमीर है तो आगे आओ नही तो चुनाव के समय मे खुले रूप से यह पर्चे बटवाउगा की किस तरह जय श्री राम का नारा लगाने वाले ठेकेदार किस तरह मंदिर की संपत्ति हडपने के लिये चाल चलते है।
अब पोलखोल के पास यह मामला आया हैं। हिन्दू धर्म के ठेकेदार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, भाजपा, विश्व हिन्दू परिषद, शिवसेना, बंजरंग सेना, बजरंग दल अब आगे आओ। मंदिर की संपत्ति बेचने वालो को बेनकाब करो नही तो इन हिन्दू संगठनो का भी चाल चरित्र चेहरा बेनकाब होगा।
पढते रहे इसी मामले मे प्रशासनिक फूफा यानि आरोपो में एसडीएम चैकसे के कारनामे , धीरज चतुर्वेदी की कलम से
