कोलकाता। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता काजी अब्दुल गफ्फार का बुधवार सुबह निधन हो गया। उन्होंने बादुडिय़ा स्थित राजबेडिय़ा आवास पर अंतिम सांस ली। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर चौधरी ने बताया कि गफ्फार के निधन से पार्टी को गहरा धक्का लगा है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व बादूडिय़ा के पूर्व विधायक काजी अब्दुल गफ्फार का बुधवार सुबह निधन हो गया। उन्होंने उत्तर 24 परगना के बादुडिय़ा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। वे 75 साल के थे। बीते कई सालों से वे उम्र जनित बीमारियों से पीडि़त थे। वे अपने लंबे राजनीतिक कार्यकाल के दौरान 8 बार विधायक निर्वाचित हुए थे। गफ्फार की पहचान पार्टी की राजनीति में गांधीवादी नेता के तौर पर थी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर चौधरी ने बताया कि गफ्फार के निधन से पार्टी को गहरा धक्का लगा है।
अल्पसंख्यक समुदाय से ताल्लुक रखने वाले गफ्फार पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के करीबी लोगों में से एक थे। उनके निधन से पूरे राजनीतिक जगत में शोक की लहर है। उन्हें आखिरी श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए राज्य के विभिन्न दलों के नेता उनके आवास पर पहुंचे। एक महीने पहले उम्र के 75वें पड़ाव पर पहुंचने वाले काजी अब्दुल गफ्फार बीते दिनों विधानसभा भी पहुंचे थे। तब वरिष्ठ नेता का सम्मान खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने किया था।
साल 1957 में उत्तर 24 परगना के बादुडिय़ा विधानसभा केंद्र से वे प्रथम बार विधायक निर्वाचित हुए। इसी केंद्र से वे 8 बार विधायक रहे। साल 2011 में जब 34 साल के वाममोर्चा सरकार को सत्ता से बेदखल कर बंगाल की सत्ता पर तृणमूल काबिज हुई तब वे बादुडिय़ा से ही बतौर कांग्रेस-तृणमूल उम्मीदवार विजयी हुए। हालांकि वे 2016 के विधानसभा चुनाव में बढ़ती उम्र के कारण चुनाव नहीं लड़ सके।
