भोपाल। मध्यप्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण से अधिक ऑक्सीज़न की कमी,उचित उपचार अभाव और रेमडीसीवीर इंजेक्शन की कालाबाज़ारी के साथ साथ शासकीय अस्पतालों की लापरवाही और निजी अस्पतालों की लूट से जनमानस भयभीत है। सरकार के सारे दावे फ़ैल नज़र आ रहे है।चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच भगोड़े स्वास्थ्य मंत्री के आचरण की चर्चा इन दिनों खूब है।जहां विपक्षी दल कॉंग्रेस सरकार के खोखले दावो पर उंगलिया उठा रहा हैं वहीँ सत्ताधारी दल को अपनी छवि को बचाने से अधिक पश्चिम बंगाल की ममता बैनर्जी सरकार को कोसने की ज़्यादा फ़िक्र है।
आज मुख्यमंन्त्री ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णु दत्त शर्मा जी के नेतृत्व में लाल परेड के मोती लाल स्टेडियम भोपाल में कोविड केयर सेंटर की स्थापना की जिसमे 1000 बेड की व्यवस्था का दावा किया गया।निःसन्देह सरकार का यह कदम सराहनीय है,परन्तु यही कदम एक माह पूर्व उठा लिया जाता तो बेड और ऑक्सीज़न के अभाव में लोग नही मरते। परन्तु पिछले माह तो सरकार पश्चिम बंगाल,तमिलनाडु, केरल,आसाम और पॉन्डिचेरी चुनाव में जो व्यस्त रही। जनता के जीवन से अधिक चुनाव जो प्रिय थे। पांचो राज्यो सहित दमोह चुनाव में पटखनी खाने के बाद हज़ारो लोगों की जाने गवाने के बाद सरकार का यह कदम सहित साबित होगा। इसे कहा जाता है “देर आयद दुरुस्त आयद”।
खैर?हम बात कर रहे हैं निजी अस्पताल बनाम कत्लगाहों की जहां कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के नाम पर वसूली जाने वाली रकमें लोगों को अपना सब कुछ ठिकाने लगाकर देनी पड़ रही थी,यहां तक के धरती के यह यमराज डेड बॉडी तक बिना रकम वसूले परिजनो को तक नही सौंप रहे थे। खबरें जमकर प्रसारित हुई,शासन प्रशासन की कुंभकर्णी नींद टूटी ओर आजसे 04 दिन पूर्व मुख्यमंन्त्री जी ने निर्देश देकर निजी अस्पतालों की फीसों का निर्धारण किया। निजी अस्पतालों की लूट खसोट की खबरों से बचने के लिए सरकार ने गत दिनों एक योजना बनाई है जिसमे घोषणा की गई कि प्रदेश के विभिन्न निजी स्वास्थ्य संस्थाओं द्वारा #COVID19 का ईलाज किया जा रहा है। इन अस्पतालों द्वारा चिकित्सा पर होने वाले व्यय के स्वत: घोषित पैकेज राज्य शासन के पोर्टल http://sarthak.nhmmp.gov.in/covid पर प्रदर्शित किया जाएगा। और निर्देश जारी हुए कि निजी अस्पताल अपने इन पैकेजेज के अनुरूप ही बिलिंग करेंगे।

मुख्यमंन्त्री के फोटो के साथ यह संदेश उनके फेसबुक,ट्वीटर खाते में प्रदर्शित हुआ। जिसकी वास्तविकता जब हमारे द्वारा जाँची गई तो सरकार द्वारा दी गई साइट पर ऐसा कोई डाटा उपलब्ध ही नही है। जिसमे अस्पतालों द्वारा चिकित्सा पर होने वाले व्यय के स्वत: घोषित पैकेज प्रदर्शित हो।राज्य शासन के पोर्टल http://sarthak.nhmmp.gov.in/covid पर घोषित पैकेज का कोई उल्लेख नही है जिससे जनता लाभान्वित हो। लिहाज़ा सरकार के इस प्रयास को भी खानापूर्ती ही माना जाए।
@भोपाल से सैयद ख़ालिद क़ैस-8770806210

