भोपाल । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को होने वाली अहम बैठक में कई महत्त्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा होगी| तीन दर्जन प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है| सरकार चुनाव से पहले हायर स्टडीज की तैयारी करने वाले अनुसूचित वर्ग के छात्रों को बड़ा तोहफा देने जा रही है, सरकार राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं जेईई, नीट, क्लैट, एम्स, एनडीए की तैयारी के लिए सरकार दो साल की कोचिंग का खर्चा उठाएगी| इसका प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जाएगा, जिसे मंजूरी मिल सकती है|
इस योजना के तहत राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों, चिकित्सा महाविद्यायल, विधि महाविद्यालय और रक्षा अकादमी संस्थानों में प्रवेश के लिए तैयारी कर रहे अनुसूचित जाति वर्ग के प्रतिभागियों को दो साल की कोचिंग करवाएगी, इन संस्थानों में प्रतिभागियों की संख्या कम रहने के कारण सरकार यह योजना लाने जा रही है| जिसमे 100 छात्र छात्राओं के दो बैच के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा| इस योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को छात्रावास में आवास, भोजन और प्रतिष्ठित कॉचिंग संस्थानों में कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी| चयनित प्रत्येक विद्यार्थी को सरकार 75 हजार रुपए कोचिंग शुल्क, 35 हजार रुपए शिक्षण शुल्क, आवास, परिवहन तथा भोजन का खर्च सरकार उठाएगी| आवास परिवहन और भोजन के लिए मुख्यालय पर ढाई हजार रुपए प्रतिमाह और मुख्यालय के बाहर के विद्यार्थियों के लिए पांच हजार रुपए प्रतिमाह स्टायपेंड भी दिया जाएगा|
मंदसौर गोलीकांड में अनुकम्पा नियुक्ति
कैबिनेट में तीन दर्जन प्रस्तावों पर चर्चा होगी जिसमे मंदसौर गोलीकांड में मृतक किसान चैनराम पाटीदार की पत्नी पुष्पाबाई की जगह चैनराम के भाई गोविन्द पाटीदार को अनुकम्पा नियुक्ति देने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा| इसके अलावा बिजली सब्सिडी बरक़रार रखने, स्मार्ट कार्ड योजना का अनुमोदन, वाटर स्पोर्ट्स के लिए रक्षा मंत्रालय को जमीन देने सहित अन्य प्रस्तावों पर कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती हैं
विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सरकार पूर्व राज्य निर्वाचन आयुक्त एंबी लोहानी को मुख्य सचिव स्केल में पेंशन बढ़ने जा रही है, इसका प्रस्ताव भी कैबिनेट में रखा जाएगा| लोहानी 1994 में राज्य निर्वाचन आयुक्त थे| यह पद हाईकोर्ट जज के बराबर वेतनमान में आता है, इसीलिए मुख्य सचिव स्केल के सेवानवृत्त आईएएस इस पद पर पदस्थ होते हैं| लोहानी जब सेवानिवृत्त हुए थे, तब मुख्य सचिव स्केल में नहीं थे| इस कारण उनकी पेंशन कम बनती थी| अब सरकार 15 साल बाद इस मामले में पूर्व आयुक्त को पेंशन बढाकर देने का प्रस्ताव ला रही है, इससे उनकी पेंशन में सवा लाख रुपए सालाना से ज्यादा का लाभ मिलेगा
